



जयपुर। जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज बेचने वाली युवती पर खौलता पानी गिरने के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। आरोपी पुलिसकर्मी नरेंद्र को शनिवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पीड़िता रेशु गुप्ता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, परिवार को आर्थिक सहायता देने और पुनर्वास के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है।
मामला 19 जून की शाम करीब पौने सात बजे का है। घटना को लेकर 22 जून को पीड़िता रेशु गुप्ता की बड़ी बहन खुशबू गुप्ता ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने रेशु की कार्ट को धक्का देकर पलट दिया, जिससे वह गर्म पानी से झुलस गई। वहीं, पुलिस के अनुसार उस समय जगतपुरा के महल रोड से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना था और काफिले से कुछ मिनट पहले पुलिसकर्मी सड़क किनारे लगे ठेलों को हटवा रहे थे।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 19 जून को रामनगरिया क्षेत्र में मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था के दौरान यह घटना हुई। इस दौरान रेशु गुप्ता अपने ठेले पर रखे गर्म पानी से झुलस गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे लाइन हाजिर किया है।
प्रकरण की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि घटना किस परिस्थिति में हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या अनुचित व्यवहार हुआ। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने पीड़िता रेशु गुप्ता के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को रोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्थायी रोजगार के लिए परिवार को डेयरी बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना प्रताप नगर स्थित व्यास अपार्टमेंट में पीड़िता के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
पीड़िता रेशु गुप्ता ने बताया कि पिता लाल बहादुर गुप्ता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर और उनकी बड़ी बहन खुशबू गुप्ता पर आ गई थी। बीएससी करने के बाद उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन चयन नहीं होने पर रोजगार के लिए करीब 25 दिन पहले महल रोड स्थित कैपिटल हाई स्ट्रीट पर ‘हेल्दी आटा मोमोज’ नाम से कार्ट लगानी शुरू की थी।
रेशु और उनका परिवार इसी छोटे व्यवसाय के जरिए आजीविका चलाने की कोशिश कर रहा था। घटना के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से कठिन स्थिति में है। सरकार की ओर से इलाज, आर्थिक सहायता और डेयरी बूथ आवंटन की घोषणा को परिवार के पुनर्वास की दिशा में राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री काफिले की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के दौरान हुई इस घटना ने सड़क किनारे रोजगार करने वाले छोटे विक्रेताओं की सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यवस्थाएं जरूरी हैं, लेकिन रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों और ठेला संचालकों के साथ संवेदनशील व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।
फिलहाल पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।