



जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित राजस्थान दौरे और पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम को राज्यव्यापी आयोजन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पचपदरा में भले ही बड़ी सभा नहीं होगी, लेकिन राज्य सरकार इस कार्यक्रम से प्रदेश के लाखों लोगों को जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के लाइव प्रसारण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की शुरुआत राजस्थान के लिए गर्व का क्षण है। इस अवसर को प्रदेश के लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जाए।
बैठक में अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और पचपदरा रिफाइनरी से जुड़ी तैयारियों को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित उच्चाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, बालोतरा से एचआरआरएल के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को राजस्थान आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। हालांकि, प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। इस दौरे के दौरान प्रदेश को कई बड़ी सौगातें मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनमें सबसे प्रमुख पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन माना जा रहा है।
पचपदरा रिफाइनरी पर अब तक करीब 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत आने की जानकारी दी गई है। पहले इस रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन 20 अप्रैल को रिफाइनरी में आग लगने की घटना के बाद प्रधानमंत्री का दौरा टाल दिया गया था। अब 4 जुलाई को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के उद्घाटन की तैयारी की जा रही है।
राज्य सरकार का मानना है कि पचपदरा रिफाइनरी से प्रदेश के औद्योगिक विकास, पेट्रोकेमिकल सेक्टर, निवेश और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान यमुना जल समझौते से जुड़े विषय पर भी बड़ा ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है। राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू से संबंधित घोषणा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। लंबे समय से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में पेयजल और सिंचाई से जुड़े मुद्दों को लेकर यमुना जल समझौता चर्चा में रहा है।
यदि इस विषय पर कोई औपचारिक घोषणा होती है, तो इसे राजस्थान की जल आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम और संबंधित घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे के दौरान जयपुर मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट से जुड़ा शिलान्यास भी किया जा सकता है। संभावना है कि प्रधानमंत्री इस प्रोजेक्ट का वर्चुअल शिलान्यास करें। जयपुर मेट्रो फेज-2 को राजधानी की शहरी यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेट्रो विस्तार से जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी और सड़क यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। राजधानी में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लंबे समय से आवश्यक माना जा रहा है।
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने की संभावना है। जोधपुर एयरपोर्ट के नए बने टर्मिनल को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो यानी बीसीएएस की टीम ने जांच के बाद हरी झंडी दे दी है। शुक्रवार को एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया के ऑपरेशनल कार्यकारी निदेशक एस.एस. राजू जोधपुर पहुंचे और एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री के पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम के लिए 4 जुलाई को विशेष विमान से पहले जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नए टर्मिनल के उद्घाटन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। नया टर्मिनल पश्चिमी राजस्थान की एयर कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला मुख्यालयों पर दिखाया जाए। इससे राज्य के लाखों लोग कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकेंगे। सरकार इसे केवल पचपदरा या बालोतरा तक सीमित कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के विकास से जुड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बड़ी परियोजनाएं राज्य के भविष्य को आकार देती हैं। इसलिए इनके उद्घाटन और जनता से जुड़ाव को प्रभावी तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए। अधिकारियों को तकनीकी, प्रशासनिक और जनसंपर्क से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन, एचआरआरएल और संबंधित विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद अंतिम रूपरेखा स्पष्ट होगी।