



जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में 10 जनपथ पर हुई सोनिया गांधी के साथ बैठक को लेकर कहा कि मीडिया को इसमें कोई बड़ा राजनीतिक गुणा-भाग या नया राजनीतिक परिदृश्य खोजने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक राजीव गांधी नेशनल रिलीफ एंड वेलफेयर सोसाइटी के ट्रस्ट से जुड़ी नियमित बैठक थी।
गहलोत ने कहा कि बैठक में सभी ट्रस्टियों को आमंत्रित किया गया था और यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक तथा संस्थागत बैठक थी। उन्होंने कहा कि इस बैठक को राजस्थान कांग्रेस संगठन या किसी राजनीतिक कयासबाजी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो वर्ष पूरे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इन दो सालों में राहुल गांधी ने देश की राजनीति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया है और विपक्ष की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस प्रकार सदन में अपनी शुरुआत की, वह ऐतिहासिक रही। उनके अनुसार, पहली बार ऐसा देखने को मिला कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कई वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी स्पीच के दौरान खड़े होकर अपनी बात रखनी पड़ी। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार किसानों, मजदूरों, गरीबों और देश के समग्र विकास से जुड़े विषयों को उठा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार की नीतियों और कमियों को राहुल गांधी लगातार पुरजोर तरीके से सामने रखते हैं। वे देश की आवाज को सदन के अंदर भी और बाहर भी मजबूती से बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का असली दायित्व आम जनता की भावनाओं, समस्याओं और अपेक्षाओं को सत्ता पक्ष के सामने रखना होता है और राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संसद के बाहर भी INDIA गठबंधन के नेता जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो साल का कार्यकाल बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री इस बार बाड़मेर रिफाइनरी के भीतर ही बैठक करेंगे और पहले की तरह कोई बड़ी आम सभा नहीं करेंगे। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस अवसर पर बड़ी आम सभा करनी चाहिए, क्योंकि बाड़मेर रिफाइनरी राजस्थान के विकास से जुड़ा बड़ा प्रोजेक्ट है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब राजस्थान में तेल मिला था, तब कांग्रेस सरकार ने केंद्र से लगातार प्रयास और आग्रह किया। उनके अनुसार, तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के प्रयासों से एचपीसीएल और राजस्थान सरकार की सहभागिता से रिफाइनरी कंपनी का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट राजस्थान के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार को जवाब देना चाहिए कि अपने पिछले कार्यकाल में रिफाइनरी का काम पांच साल तक क्यों रोके रखा गया। उन्होंने कहा कि काम रुकने के कारण 37 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट बढ़कर 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हो गया। गहलोत ने कहा कि इस आर्थिक नुकसान का जवाब जनता को आज तक नहीं मिला है।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वे इस विषय पर पहले भी अपने एक्स हैंडल के माध्यम से स्पष्ट बात कह चुके हैं। गहलोत ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और आरएसएस कैडर से आते हैं, लेकिन वे सरकार बनने से पहले से ही विभिन्न लोगों पर बेबुनियाद आरोप लगाते रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब उनसे पूछा गया कि यदि आरोप हैं तो उनके प्रमाण और तथ्य प्रस्तुत किए जाएं, तो उनका जवाब यह था कि तथ्यों की जरूरत ही क्या है। गहलोत ने कहा कि किसी पर आरोप लगाने के लिए आधार, तथ्य और आंकड़े जरूरी होते हैं। बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित राजनीतिक आचरण नहीं है।
अपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का समर्थन करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष हैं और राज्य के मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा को बिना आधार के घेरना एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। गहलोत ने कहा कि डोटासरा के बहाने पूरी कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस का संगठन उत्तर भारत में सबसे मजबूत और सक्रिय संगठनों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज भी गांव-गांव और गली-गली में लोग कांग्रेस को याद करते हैं और कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में सरकार के कुप्रबंधन, ठप पड़े विकास कार्यों और बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर जनता में नाराजगी दिखाई दे रही है। गहलोत ने कहा कि अस्पतालों की इमारतें तो खड़ी हैं, लेकिन वहां डॉक्टर और जरूरी उपकरण नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में ऐसा कुशासन पहले कभी नहीं देखा गया।
कुल मिलाकर, अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो वर्षों के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बाड़मेर रिफाइनरी, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों और 10 जनपथ बैठक को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की।