Friday, 26 June 2026

रेशु गुप्ता से मिले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, बोले- VIP संस्कृति की भेंट चढ़ी गरीब की आजीविका


रेशु गुप्ता से मिले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, बोले- VIP संस्कृति की भेंट चढ़ी गरीब की आजीविका

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जयपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रताप नगर स्थित रेशु गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनसे और उनके परिवारजनों से मुलाकात की। रेशु गुप्ता जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में फूड स्टॉल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री के वीआईपी काफिले को निकालने के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा उनका फूड स्टॉल पलट दिया गया, जिससे वे गर्म पानी की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं।

मुलाकात के बाद टीकाराम जूली ने कहा कि रेशु गुप्ता के झुलसे हुए हाथ को देखकर रूह कांप उठी। उन्होंने कहा कि दर्द से कराहती रेशु गुप्ता की आंखों में रोजी-रोटी उजड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। जूली ने इस घटना को केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार के सामने एक गरीब की आजीविका को वीआईपी संस्कृति की भेंट चढ़ा देने वाली पीड़ादायक कहानी बताया।

जूली बोले- दोषी पुलिसकर्मियों पर हो कठोर कार्रवाई

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब की रोजी-रोटी और जीवन पर वीआईपी मूवमेंट के कारण संकट आता है, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हो।

जूली ने कहा कि रेशु गुप्ता जैसे लोग मेहनत और स्वाभिमान के साथ अपना जीवनयापन करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक लापरवाही या दबाव के कारण उनकी आजीविका प्रभावित होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घटना को संवेदनशीलता के साथ लेना चाहिए और पीड़िता को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

मुआवजा और संविदा नौकरी की मांग

टीकाराम जूली ने पीड़िता रेशु गुप्ता को उचित मुआवजा देने और संविदा पर नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रेशु गुप्ता की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। इसके साथ ही उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी चाहिए।

जूली ने कहा कि इस घटना ने वीआईपी संस्कृति और आमजन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव में गरीब और छोटे कामगारों की परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह संदेश देना चाहिए कि कानून और प्रशासन गरीबों की सुरक्षा के लिए है, उन्हें कुचलने के लिए नहीं।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

रेशु गुप्ता के मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ी व्यवस्था के दौरान हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विपक्ष की मांग है कि पीड़िता को न्याय, बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष इसे वीआईपी संस्कृति और प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण बता रहा है, वहीं पीड़िता और उसके परिवार को अब सरकार से राहत और न्याय की उम्मीद है।

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