Tuesday, 23 June 2026

यमुना जल परियोजना पर दिल्ली में अहम बैठक, एमओए के महत्वपूर्ण बिंदुओं को दिया गया अंतिम रूप


यमुना जल परियोजना पर दिल्ली में अहम बैठक, एमओए के महत्वपूर्ण बिंदुओं को दिया गया अंतिम रूप

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नई दिल्ली। यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस बैठक में भाग लिया। बैठक में यमुना जल परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और परियोजना के मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट यानी एमओए के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिया गया।

बैठक में यमुना जल परियोजना के साथ किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। परियोजना को प्रभावी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि राजस्थान को अपने हिस्से का पानी जल्द मिल सके और प्रदेश के जल प्रबंधन को और मजबूती मिले।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “जल है तो कल है” की भावना के साथ राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में यमुना जल परियोजना को प्रभावी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि परियोजना के तहत पानी को पारंपरिक नहर प्रणाली की बजाय पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने का प्रस्ताव है। इससे जल संरक्षण सुनिश्चित होगा और वितरण व्यवस्था भी अधिक व्यापक और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन आधारित व्यवस्था से पानी की बचत के साथ-साथ जरूरतमंद क्षेत्रों तक बेहतर आपूर्ति संभव हो सकेगी।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना से जुड़े छह राज्यों के मुद्दों का समाधान हो गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित एमओए भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा सहित अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से भविष्य में जल संबंधी समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल परियोजना राजस्थान, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास और लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र और हरियाणा सरकार के सहयोग से इस परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से लंबित परियोजनाओं को गति मिल रही है और राज्यों के बीच जल संबंधी मुद्दों का सकारात्मक समाधान निकल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को यमुना जल उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी और अब इस दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन से जल्द ही राजस्थान को अपने हिस्से का पानी प्राप्त होगा। इससे किसानों, उद्योगों और आमजन को व्यापक लाभ मिलेगा। साथ ही प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में भी सहायता मिलेगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकारें प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रेणुका, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मिलने वाले पानी से राजस्थान, दिल्ली के साथ हरियाणा के लोगों को भी फायदा मिलेगा।

बैठक में वर्षा के पानी को सहेजकर राजस्थान पहुंचाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने जल संरक्षण, वितरण व्यवस्था, परियोजना के तकनीकी पहलुओं और राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े विषयों पर जानकारी दी।

यमुना जल परियोजना को शेखावाटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना से पेयजल संकट का समाधान होने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में कृषि, उद्योग और आमजन के जीवन स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

बैठक में केंद्र सरकार, राजस्थान के जल संसाधन विभाग और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एमओए के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

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