



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी जयपुर शहर की ओर से भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर प्रवक्ता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री महावीर पब्लिक स्कूल, जयपुर में भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान, साहस, त्याग, बलिदान और अखंड भारत के प्रति उनके संकल्प को याद किया।
मुख्य वक्ता भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें युवा जनसंघ के राजस्थान अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था, जिसके माध्यम से उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को निकटता से समझा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष प्रावधानों का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष किया था। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने जनआंदोलन का नेतृत्व किया और राष्ट्र की एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि कश्मीर की धरती पर डॉ. मुखर्जी का बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया ऐतिहासिक बलिदान था। तिवारी ने कहा कि जिस कश्मीर के लिए डॉ. मुखर्जी ने संघर्ष किया, वह भारत का अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा।
भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने अनुच्छेद 370 और 35ए की समाप्ति को डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि आज देश उनके सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी भारत को एक सूत्र में पिरोने के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक परंपराओं और राष्ट्रीय पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना चाहते थे।
भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि इसी उद्देश्य से डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में मंत्री पद से त्यागपत्र देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करते हुए डॉ. मुखर्जी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश सदैव स्मरण रखेगा।
भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 की समाप्ति डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करें।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रीय विचार, सांस्कृतिक चेतना और अखंड भारत की अवधारणा के सशक्त प्रतीक थे। उनके विचार आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मीडिया सह प्रभारी नयन माघाणी अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, चंद्र मोहन बटवारा, जयपुर प्रभारी प्रभुलाल सैनी, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, रेखा राठौड़, राजेश तांबी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा सांस्कृतिक गौरव की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।