Thursday, 18 June 2026

आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू बोले- अब अभ्यर्थियों को भरोसा, आयोग में पेपर लीक नहीं होते, मौजूदा व्यवस्था भविष्य में भी जारी रहनी चाहिए


आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू बोले- अब अभ्यर्थियों को भरोसा, आयोग में पेपर लीक नहीं होते, मौजूदा व्यवस्था भविष्य में भी जारी रहनी चाहिए

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अजमेर । राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने कहा कि अब अभ्यर्थियों में यह भरोसा मजबूत हुआ है कि आयोग में पेपर लीक नहीं होते। उन्होंने कहा कि पहले यह धारणा बनी हुई थी कि आयोग में काम सही ढंग से नहीं हो रहा था, लेकिन अब परिस्थितियां बदली हैं और आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार आया है। साहू का कार्यकाल समाप्त होने से 18 जून को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी साझा की।

उत्कल रंजन साहू ने 12 जून 2025 को आरपीएससी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था और उनका अंतिम कार्य दिवस 19 जून है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें और समय मिलता तो वे आयोग में कई और बेहतर कार्य कर सकते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि एक वर्ष के कार्यकाल में भी आयोग में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। साहू ने कहा कि अध्यक्ष और सदस्यों को कार्य करने के लिए अधिक समय मिलना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सके।

साहू ने कहा कि परीक्षा और साक्षात्कार की वर्तमान व्यवस्था पहले से बेहतर है और यही व्यवस्था आगे भी जारी रहनी चाहिए। उनके अनुसार इसी व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों में आयोग के प्रति भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि 12 जून 2025 से अब तक 14 हजार 536 पदों पर सीधी भर्ती के लिए कुल 16 विज्ञापन जारी किए गए। इस अवधि में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि राइट टाइम पॉलिसी के तहत सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर करवाई गईं। आयोग द्वारा 1 जनवरी 2024 से अब तक विभिन्न भर्तियों के तहत कुल 16 हजार 218 सफल अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा संबंधित विभागों को भेजी जा चुकी है। इनमें से 10 हजार 220 अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा जून 2025 से अब तक एक वर्ष की अवधि में ही भेजी गई।

पेपर सुरक्षा को लेकर साहू ने कहा कि आयोग ने न्यूमेरिक लॉक सहित 7-स्तरीय सुरक्षा कवच की व्यवस्था लागू की है। परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों की सीट-टू-सीट रियल टाइम डेट और टाइम स्टैंप के साथ वीडियोग्राफी सुनिश्चित की गई। इससे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में मदद मिली है।

साहू ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान रिकॉर्ड 14 हजार 885 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू किए गए और कार्य दिवस के आधार पर औसतन 60 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किए गए। परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए जनवरी 2026 से कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा का पुनः सफल आयोजन शुरू किया गया।

आयोग की कार्य क्षमता बढ़ाने और भर्ती प्रक्रियाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए उप सचिव, सहायक सचिव, अनुभाग अधिकारी और सहायक अनुभाग अधिकारी सहित कुल 20 नए पदों का सृजन किया गया। वहीं, राजकीय सेवा में कार्यरत कार्मिकों के समयबद्ध प्रमोशन के लिए आयोग ने रिकॉर्ड 666 डीपीसी बैठकों का आयोजन किया, जिसके माध्यम से 34 हजार 986 राज्य कार्मिकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आयोग ने कदम उठाए हैं। आयोग भवन में 250 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। साथ ही आयोग की कार्यप्रणाली के आधुनिक विस्तार के लिए 807 लाख रुपए की स्वीकृत लागत से मुख्य परीक्षा नियंत्रक ब्लॉक का विस्तार, नए इंटरव्यू बोर्ड कक्ष और आधुनिक स्टोर के लिए नवीन ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

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