



अजमेर। राजस्थान रेवेन्यू बार एसोसिएशन, अजमेर की साधारण सभा मंगलवार को आयोजित हुई, जिसमें राजस्व मंडल में दैनिक न्यायिक कार्यों के दौरान सामने आ रही समस्याओं और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
सभा में अधिवक्ताओं ने बताया कि संबंधित शाखाओं से पत्रावलियां समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की जाती हैं। इसके अलावा वकालतनामे और प्रार्थना पत्रों को पत्रावली के साथ संलग्न नहीं किया जाता तथा अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों से तलब की गई पत्रावलियों को भी समय पर मूल रिकॉर्ड के साथ नहीं जोड़ा जाता। प्रकरणों के निस्तारण के बाद अधीनस्थ न्यायालयों की पत्रावलियों को वापस भेजने में भी अनावश्यक विलंब होने की शिकायत की गई।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि विभिन्न पीठों द्वारा प्रकरणों में स्थगन आदेश पारित करने के साथ ही रजिस्टर्ड नोटिस प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाते हैं तथा उसके बाद दस्ती स्थगन आदेश जारी किए जाते हैं। वहीं डिस्पैच शाखा द्वारा रजिस्टर्ड नोटिस समय पर जारी नहीं किए जाने से पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए प्रकरणों को अदम हाजरी में खारिज किया जा रहा है।
सदन में राजस्व मंडल मुख्यालय पर सदस्यों की संख्या कम होने के बावजूद संभाग स्तर पर सर्किट बेंच भेजे जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे मुख्यालय पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण की गति प्रभावित होती है।
राजस्व मंडल में व्याप्त न्यायिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के समाधान के लिए राजस्थान रेवेन्यू बार एसोसिएशन ने सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में बार अध्यक्ष शंकरलाल जाट, अशोक अग्रवाल, सोहनपाल सिंह चौधरी, श्रीनिवास बेनीवाल, राकेश अरोड़ा, विकास पाराशर एवं राकेश कुमार टेपण को शामिल किया गया है। यह समिति अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार एवं राजस्व मंडल प्रशासन से वार्ता करेगी।
साधारण सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि न्यायिक कार्यों में लगातार बनी हुई समस्याओं और अव्यवस्थाओं के विरोध में रेवेन्यू बार एसोसिएशन 18 एवं 19 जून 2026 को स्वैच्छिक रूप से न्यायिक कार्यों से विरत रहेगा। बार ने स्पष्ट किया कि यदि 22 जून 2026 तक मंडल प्रशासन गठित समिति को यह आश्वस्त कर देता है कि अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, तो उसी दिन साधारण सभा आयोजित कर न्यायिक कार्य पुनः प्रारंभ करने पर विचार किया जाएगा।
हालांकि यदि 22 जून तक न्यायिक कार्यों की सुनवाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं होता है, तो रेवेन्यू बार एसोसिएशन 22 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे पुनः साधारण सभा आयोजित कर आगामी आंदोलनात्मक रणनीति तय करेगी।
बैठक की अध्यक्षता रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जाट ने की। इस दौरान हगामीलाल चौधरी, अशोक अग्रवाल, सोहनपाल सिंह चौधरी, भींयाराम चौधरी, धर्मेंद्र सिंह टाक, विकास पाराशर सहित अनेक अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए न्यायिक व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
