



राजस्थान को देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन और एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अजमेर जिले के किशनगढ़ के निकट उदयपुर खुर्द क्षेत्र में 59 हेक्टेयर भूमि डिफेंस एवं एयरोस्पेस पार्क के लिए आरक्षित की गई है। इस पार्क में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रूप में स्नाइपर राइफलों के निर्माण की इकाई स्थापित की जाएगी, जिसके लिए करीब 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई है। यहां हथियारों के परीक्षण और टेस्टिंग रेंज की भी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
प्रस्तावित डिफेंस एवं एयरोस्पेस पार्क में भविष्य में फाइटर एयरक्राफ्ट, आधुनिक हथियार, बख्तरबंद वाहन, रक्षा उपकरणों के कलपुर्जे और एयरोस्पेस उत्पादों के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इससे राजस्थान रक्षा क्षेत्र में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
सूत्रों के अनुसार कई निजी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनियां राज्य में निवेश की संभावनाओं को लेकर राजस्थान सरकार और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के संपर्क में हैं। वहीं भारतीय सेना भी राज्य में अनुसंधान, परीक्षण और रक्षा उत्पादन से जुड़े अवसरों का मूल्यांकन कर रही है। इससे भविष्य में बड़े स्तर पर निवेश और रक्षा क्षेत्र की नई परियोजनाओं के आने की संभावना बढ़ गई है।
रीको अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से सटे राजस्थान के क्षेत्रों में भी कई निवेशक बड़े भूखंडों की तलाश कर रहे हैं। निवेशकों की मांग ऐसी विस्तृत भूमि की है जहां औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त खुला क्षेत्र उपलब्ध हो और उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों जैसी तकनीकी बाधाएं न हों। इससे स्पष्ट है कि राजस्थान रक्षा और एयरोस्पेस उद्योगों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
केंद्र सरकार की इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (iDEX) पहल के तहत भी रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शोध संस्थानों और व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों को नई रक्षा तकनीकों के विकास के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्थान की नई डिफेंस एवं एयरोस्पेस नीति भी इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे राज्य में रक्षा उत्पादन और अनुसंधान को नई गति मिल सके।
रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश ओला ने कहा कि राजस्थान को रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए सुनियोजित रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। किशनगढ़ के पास डिफेंस एवं एयरोस्पेस पार्क के लिए भूमि आरक्षित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार का मानना है कि डिफेंस और एयरोस्पेस क्षेत्र में बढ़ते निवेश से न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही सीमावर्ती राज्य होने के कारण राजस्थान की सामरिक और रणनीतिक भूमिका भी और मजबूत होगी।