



केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाले आरक्षण की आय सीमा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में EWS आरक्षण का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है, लेकिन इस सीमा को बढ़ाकर 12 से 15 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। जयपुर के खासाकोठी सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान अठावले ने कहा कि इस संबंध में विभिन्न पक्षों से सुझाव प्राप्त हुए हैं और सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।
अठावले ने बताया कि EWS आरक्षण की आय सीमा बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और नीति आयोग इस विषय पर अध्ययन कर रहे हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिक परिवार 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के पात्र नागरिकों को भी उपलब्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न चुनौतियों के कारण ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ा है। उनके अनुसार पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके कारण कीमतों पर दबाव बना है।
अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होंगे, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भारत में ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि अन्य कई देशों की तुलना में नियंत्रित रही है तथा सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ कम रखने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। EWS आरक्षण की आय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।