Sunday, 14 June 2026

अजमेर में डॉ. संजय कृष्ण सलील की श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियां तेज, सनातन धर्म रक्षा संघ की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न


अजमेर में डॉ. संजय कृष्ण सलील की श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियां तेज, सनातन धर्म रक्षा संघ की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

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अजमेर। सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरू, राजस्थान के सहयोग से आगामी 16 से 22 जून 2026 तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को तपस्वी भवन, वैशाली नगर, अजमेर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथा आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कालीचरण खंडेलवाल ने की।

सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरू, राजस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने बताया कि परम पूज्य आचार्य डॉ. संजय कृष्ण "सलील" के श्रीमुख से होने वाली श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री कल्याण भगवान मंदिर, ज्ञान विहार कॉलोनी, अजमेर में किया जाएगा। कथा के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों के गठन, सेवा कार्यों और व्यवस्थाओं की विस्तृत रूपरेखा बैठक में तैयार की गई।

उन्होंने कहा कि कथा के दौरान निम्बार्क पीठ के पीठाधीश्वर सहित अनेक संत-महात्माओं का पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। संतों की उपस्थिति से यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी और अविस्मरणीय अनुभव भी बनेगा।

बैठक में स्वागत व्यवस्था, मंच एवं पांडाल निर्माण, प्रचार-प्रसार, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और सेवा कार्यों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने आयोजन को अनुशासित, व्यवस्थित और अधिकाधिक जनभागीदारी वाला बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे।

इस अवसर पर डॉ. कुलदीप शर्मा, देवेंद्र त्रिपाठी, रामसिंह उदावत, महावीर कुमावत, ब्रजेश गौड़, ओ.पी. टांक, इंजीनियर अशोक शर्मा, मोहनलाल कुमावत, पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह, वृषेश त्रिवेदी, रमा शर्मा, तपस्वी गायत्री शर्मा सहित बड़ी संख्या में सनातन धर्म प्रेमी एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों से कथा आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस आध्यात्मिक महोत्सव से जोड़ने का आह्वान किया गया। आयोजन समिति ने विश्वास जताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

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