Sunday, 14 June 2026

खोह नागोरियान अग्निकांड: मकानों का सर्वे शुरू, फिरोज,कयूम और याकूब फरार, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, 30 जून तक मांगी रिपोर्ट


खोह नागोरियान अग्निकांड: मकानों का सर्वे शुरू, फिरोज,कयूम और याकूब फरार, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, 30 जून तक  मांगी रिपोर्ट

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जयपुर। खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में आठ मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आए हैं। हादसे के दूसरे दिन बुधवार देर रात इलाके में अचानक पटाखों की आवाज सुनाई देने और धुआं उठने से नया विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि कहीं अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े लोग सबूत मिटाने के लिए विस्फोटक सामग्री को आग के हवाले तो नहीं कर रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि बड़ी मात्रा में पटाखा सामग्री किसी गोदाम या फैक्ट्री से लाकर खाली भूखंड में जलाई गई, ताकि जांच एजेंसियों को सबूत न मिल सकें। हालांकि स्थानीय लोगों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अवैध कारोबारियों को माल ठिकाने लगाने का अवसर दिया गया। गुरुवार को पुलिस ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया और करीम नगर सहित आसपास की कॉलोनियों में घर-घर जाकर तलाशी ली।

पुलिस ने बताया कि खोह नागोरियान क्षेत्र की करीम नगर, रहीम नगर, तलाई, आईशा नगर, उजेफा नगर और अक्षा विहार कॉलोनियों में करीब 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने अभियान चलाया। अब तक 500 से अधिक मकानों और गोदामों की तलाशी ली जा चुकी है। केवल करीम नगर में 79 मकानों की जांच की गई, जिनमें 29 मकान बंद मिले। पूरे क्षेत्र में 2377 मकानों का सर्वे और मकान मालिकों तथा किराएदारों का सत्यापन किया जा रहा है।

जांच के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध गोदामों को सील किया है। इनमें एक रूई गोदाम, दो प्लास्टिक गोदाम और एक मोटरसाइकिल गोदाम शामिल है। मोटरसाइकिल गोदाम से करीब 50 बुलेट मोटरसाइकिलें मिलीं, जिनमें कई पर मॉडिफाइड साइलेंसर और फैंसी नंबर प्लेट लगी हुई थीं। दस्तावेजों की जांच जारी है। इसके अलावा कबाड़, कतरन, फर्नीचर, ब्रेड-टोस्ट और अन्य गतिविधियों से जुड़े करीब 100 गोदामों को भी चिन्हित किया गया है, जहां नियमों की अनदेखी सामने आई है।

पुलिस ने अब तक इस मामले में सात लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी कय्यूम और याकूब के करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं कय्यूम और फिरोज की तलाश में पुलिस की विशेष टीम दिल्ली तक पहुंच चुकी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कयूम के खिलाफ पहले से ही 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज है। पहला मामला साल 1996 में मालवीय नगर थाने में मारपीट के आरोप में दर्ज हुआ था। इसके बाद 1997 में मालवीय नगर थाने में ही रास्ता रोकने का मामला दर्ज हुआ था।

साल 2002 में दौसा के महुआ में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। साल 2008 में मालवीय नगर थाने में धोखाधड़ी, जबकि 2013 में ज्योति नगर थाने में रेप केस दर्ज हुआ। वहीं, साल 2024 में खोह-नागोरियान थाने में मारपीट का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, कयूम आदतन अपराधी है।

इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से सर्च

खोह-नागोरियान थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई ने बताया- मामले में गुरुवार को 2 नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वॉड की मदद से 500 से अधिक मकानों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान रिहायशी इलाके में चल रहे एक रूई और 2 प्लास्टिक के अवैध गोदामों को सीज किया गया। साथ ही, मॉडिफाइड बाइक के एक अवैध गोदाम को भी सील कर दिया गया है। 

100 घरों को नोटिस देने की तैयारी

पुलिस ने ऐसे करीब 100 घरों को चिह्नित किया गया है, जिन मकानों में कबाड़ का काम और ब्रेड-टोस्ट बनाने जैसी व्यावसायिक गतिविधियां अवैध रूप से चल रही थी। इन सभी को नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को रिपोर्ट भेजकर नोटिस जारी करवाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, गोदामों से करीब 300 से अधिक संदिग्ध कट्टे जब्त कर ट्रकों के जरिए सुरक्षित स्थान पर भिजवाए गए।

दिल्ली और तमिलनाडु से मंगवाया जा रहा था अवैध बारूद

उधर, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी दिल्ली और तमिलनाडु से अवैध रूप से बारूद मंगवाकर पटाखे बना रहे थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी जयपुर में पांच अलग-अलग स्थानों पर अवैध पटाखा फैक्ट्रियां चला रहे थे।

दिल्ली में बैठकर अवैध नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था फिरोज

जांच में सामने आया है कि यहां बनने वाले पटाखों की सप्लाई न सिर्फ जयपुर बल्कि दिल्ली और अन्य राज्यों में भी की जा रही थी। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट को खंगाल रही है और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों को चिह्नित कर रही है।

खोह-नागोरियान थाने में दर्ज FIR में पुलिस ने फिरोज नाम के एक और आरोपी को नामजद किया है। पुलिस के अनुसार, फिरोज दिल्ली में बैठकर इस पूरे अवैध नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस की एक टीम उसकी धरपकड़ के लिए दिल्ली में सक्रिय है।

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान

इस बीच राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त, प्रमुख गृह सचिव और स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक से 30 जून तक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने राज्यभर में होटलों, गोदामों, जोखिमपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि किसी दुर्घटना के पीछे मानव लापरवाही, प्रशासनिक उपेक्षा या कानूनी प्रावधानों की अनदेखी जिम्मेदार हो, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए  राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने कहा कि क्षेत्र में 100 से अधिक घरों में अवैध पटाखा निर्माण गतिविधियों के संचालन की जानकारी सामने आई है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

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