



बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले को लेकर गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पत्रकारों के सवालों पर नाराज नजर आए। प्रेस वार्ता के दौरान जब पीड़ित महिलाओं में एक जैसे लक्षण और डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ही उनकी हालत बिगड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
पत्रकारों ने मंत्री से जानना चाहा कि अस्पताल में भर्ती महिलाओं में लगभग समान लक्षण सामने आए हैं और अधिकांश की तबीयत डिलीवरी के दो से तीन घंटे के भीतर बिगड़ी है। ऐसे में सरकार इस पूरे घटनाक्रम को किस दृष्टिकोण से देख रही है और क्या इसके पीछे कोई समान कारण हो सकता है। इस सवाल पर मंत्री खींवसर ने कहा कि सभी महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पहले से ही सामान्य नहीं थी और वे गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंची थीं।
सवालों के बीच मंत्री ने कहा, “वो गंभीर हालत में आई थीं। आप क्या बात कर रहे हो?” इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद डॉ. सुरेंद्र वर्मा को जवाब देने के लिए आगे बुलाया। मंत्री ने उनसे कहा कि वे पत्रकारों को बताएं कि मरीज किस स्थिति में अस्पताल पहुंचे थे।
इस दौरान मंत्री ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “आप ही बताइए कैसी हालत में आई थीं, पैदल चलकर नाचती हुई आई थीं या बीमार होकर आई थीं।” मंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल कुछ समय के लिए गर्मा गया।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में हाल ही में कई प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने और गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती किए जाने का मामला सामने आया था। मामले को लेकर राज्य सरकार ने रिपोर्ट तलब की है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी जांच में जुटी हुई है। घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।