Thursday, 11 June 2026

पिता की हत्या कर शव नहर में फेंका, खुद ही बना परिवादी, पुलिस ने बेटे-बेटी को किया गिरफ्तार


पिता की हत्या कर शव नहर में फेंका, खुद ही बना परिवादी, पुलिस ने बेटे-बेटी को किया गिरफ्तार

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जालोर। जिले के सांचौर थाना क्षेत्र में हरियाली नहर में मिले एक शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस बेटे ने अपने पिता की हत्या का मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था, वही हत्या का मुख्य आरोपी निकला। पुलिस ने मृतक के पुत्र दिनेश कुमार और पुत्री भावना को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह, जमीन और पैसों के विवाद को हत्या का कारण माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार 7 जून की सुबह हरियाली नहर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान पांचला निवासी डामराराम मेघवाल के रूप में की। इसके बाद मृतक के पुत्र दिनेश कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसके पिता की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से पता चला कि दिनेश कुमार ने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात के समय स्वयं को सूरत (गुजरात) में होना बताया था, जबकि वह घटना के समय गुप्त रूप से गांव में ही मौजूद था। पुलिस ने जब गहन जांच की तो पूरा घटनाक्रम सामने आ गया।

पुलिस अनुसंधान में खुलासा हुआ कि घटना वाली रात पारिवारिक विवाद और संपत्ति को लेकर हुए झगड़े के दौरान दिनेश कुमार और उसकी बहन भावना ने मिलकर अपने पिता डामराराम की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को घर से करीब 20 किलोमीटर दूर ले जाकर हरियाली नहर में फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना या अज्ञात हत्या का लगे।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों भाई-बहन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी दिनेश ने खुद को बचाने और जांच को भटकाने के लिए परिवादी बनकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन तकनीकी जांच और पुलिस टीम की सतर्कता ने उसके झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस ने बताया कि इस जटिल मामले के खुलासे में सांचौर थाने के कांस्टेबल हड़मानाराम और कांस्टेबल जयन्तीलाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों पुलिसकर्मियों द्वारा जुटाई गई सूचनाओं और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

जांच अधिकारी नेमाराम ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस संपत्ति विवाद, आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक तनाव से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

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