



करौली। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि स्वर्गीय राजेश पायलट के आदर्श आज भी जनसेवा और जनहित की राजनीति के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि राजेश पायलट ने भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर देश और जनता की सेवा का मार्ग चुना और जीवनभर कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
सचिन पायलट करौली जिले के ग्राम सकरघटा में आयोजित राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह एवं किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजेश पायलट का मानना था कि सच्चा जनप्रतिनिधि वही है जो पद और प्रतिष्ठा की दौड़ से ऊपर उठकर जनता का विश्वास और सम्मान अर्जित करे। उन्होंने कहा कि राजेश पायलट ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
कार्यक्रम के दौरान पायलट ने मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। पायलट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय हैं।
किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए सचिन पायलट ने कहा कि वर्तमान समय में किसान कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने खाद, बीज, बिजली और पानी की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।
पायलट ने मनरेगा योजना को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नीट परीक्षा पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। पायलट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। नेताओं ने स्वर्गीय राजेश पायलट के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर भजन लाल जाटव, करौली कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक घनश्याम मेहर, पूर्व मंत्री रमेश मीणा, विधायक अनिता जाटव, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा, विधायक संजय जाटव, पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला, पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, पूर्व विधायक अमर सिंह जाटव तथा पूर्व सांसद मूलचन्द मीणा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
किसान सम्मेलन में हजारों की संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों, कृषि विकास, ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने स्वर्गीय राजेश पायलट के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रतिमा अनावरण समारोह और किसान सम्मेलन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भाग लिया।