



अजमेर। अजमेर जिले की पेयजल व्यवस्थाओं और जलदाय विभाग के प्रशासनिक संचालन को लेकर एक बार फिर मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) के रिक्त पद का मुद्दा चर्चा में है। विभिन्न स्तरों पर यह मांग उठाई जा रही है कि जल भवन, अजमेर में चीफ इंजीनियर के पद पर नियमित नियुक्ति की जाए, क्योंकि यह महत्वपूर्ण पद पिछले करीब दो वर्षों से रिक्त बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस पद का अतिरिक्त प्रभार अधीक्षण अभियंता श्री रामचंद्र राड़ के पास है। उनके पास पहले से अपने मूल पद की जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे में विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित मुख्य अभियंता की नियुक्ति की मांग की जा रही है।
मांग उठाने वाले पक्षों का कहना है कि अजमेर जिले जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जलदाय विभाग के शीर्ष पद का लंबे समय तक रिक्त रहना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है। उनका तर्क है कि नियमित चीफ इंजीनियर की नियुक्ति होने से जलापूर्ति, परियोजनाओं की निगरानी, बजट क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय जैसे कार्यों में अधिक दक्षता आएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लगभग दो वर्ष पहले इस पद पर श्री देवराज सोलंकी कार्यरत थे। उनके स्थानांतरण के बाद से यह पद नियमित रूप से नहीं भरा गया है और अतिरिक्त प्रभार के आधार पर व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। मांग करने वालों का कहना है कि अजमेर जिले की बढ़ती आबादी और पेयजल संबंधी चुनौतियों को देखते हुए विभाग के शीर्ष पद पर पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति आवश्यक है।
हालांकि, कुछ आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि पद को लंबे समय तक रिक्त रखने और अतिरिक्त प्रभार व्यवस्था जारी रखने के पीछे प्रशासनिक एवं राजनीतिक कारण हो सकते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग या राज्य सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मांगकर्ताओं ने राज्य सरकार और जलदाय विभाग से आग्रह किया है कि अजमेर जल भवन में चीफ इंजीनियर के रिक्त पद को तत्काल प्रभाव से भरा जाए, ताकि जिले की जलापूर्ति व्यवस्था और विभागीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।