



जयपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अंबरीश कुमार को न्यायिक आदेशों की अवहेलना के मामले में जमानती वारंट जारी कर तलब किया है। रेट की न्यायिक सदस्य पूनम दरगन और सदस्य प्रकाश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश सुनवाई के दौरान पारित किए।
मामला विभाग की कर्मचारी सरोज मीणा द्वारा दायर प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अपने स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए रेट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के बाद अधिकरण ने ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम स्थगन (स्टे) प्रदान किया था। आरोप है कि विभाग द्वारा अधिकरण के आदेश की पालना नहीं की गई, जिसके चलते अवमानना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ हुई।
सुनवाई के दौरान रेट ने कहा कि शासन सचिव अंबरीश कुमार को पूर्व में समन जारी कर 8 जून को अधिकरण के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। रिकॉर्ड के अनुसार समन की विधिवत तामील भी हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद शासन सचिव न तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और न ही अनुपस्थिति का कोई संतोषजनक कारण अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि न्यायालय अथवा अधिकरण द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करना प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। समन की तामील के बावजूद अनुपस्थित रहना न्यायिक प्रक्रिया और आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन सचिव के विरुद्ध जमानती वारंट जारी करना आवश्यक हो गया।
रेट ने अब शासन सचिव अंबरीश कुमार को 12 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई पर अधिकरण यह भी विचार कर सकता है कि आदेशों की अनुपालना न होने के लिए संबंधित अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी बनती है और आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा न्यायिक आदेशों के पालन और जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में से एक माना जा रहा है, जिस पर अब सभी की नजरें 12 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।