



जयपुर। राजस्थान विधानसभा की जनलेखा समिति (पीएसी) का अध्ययन एवं निरीक्षण दौरा मंगलवार से शुरू हो गया। समिति के सभापति एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में समिति का प्रतिनिधिमंडल जयपुर से लेह (लद्दाख) के लिए रवाना हुआ। यह दौरा 16 जून तक चलेगा, जिसके दौरान समिति लेह-लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा का भ्रमण करेगी।
समिति के साथ सदस्य सुरेश धाकड़, अर्जुन लाल जीनगर, अनीता बघेल, चंद्रभान सिंह चौहान तथा विश्वनाथ मेघवाल भी शामिल हैं। दौरे का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनाए गए नवाचारों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विकासात्मक मॉडलों का अध्ययन करना है।
समिति 8 से 10 जून तक लेह-लद्दाख में रहेगी, जहां स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित संस्थाओं के साथ बैठकों के माध्यम से क्षेत्र में लागू नवाचारों और विकास कार्यों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान समिति की लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मुलाकात का भी कार्यक्रम निर्धारित है।
इसके बाद समिति 11 और 12 जून को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेगी। अध्ययन भ्रमण के दौरान समिति विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक परियोजनाओं का अवलोकन करेगी। 13 जून को समिति के सदस्यों द्वारा वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने का कार्यक्रम भी तय किया गया है।
दौरे के अगले चरण में 14 जून को समिति अमृतसर पहुंचेगी। इसके बाद 15 जून को चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा विधानसभाओं की सिस्टर कमेटियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संसदीय कार्यप्रणाली, वित्तीय जवाबदेही, लेखा परीक्षण तथा जनहित से जुड़े विषयों पर अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
समिति का यह अध्ययन दौरा 16 जून को चंडीगढ़ से जयपुर वापसी के साथ संपन्न होगा। माना जा रहा है कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनाई गई श्रेष्ठ व्यवस्थाओं और नवाचारों के अध्ययन से राजस्थान विधानसभा की समितियों के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।