



जयपुर। बीकानेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई से जुड़े मामले में बड़ी नकदी बरामद होने और गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को लेकरकृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जिन लोगों को कृषि विभाग की कार्रवाई और छापेमारी अभियानों के दौरान मंत्री के साथ देखा जाता था, वही अब करोड़ों रुपये की कथित सौदेबाजी और अवैध धन के मामलों में पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री के साथ काम करने वाले या उनसे जुड़े अधिकारी और पदाधिकारी करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने का साहस कर रहे थे, तो यह जानना आवश्यक है कि यह धन आखिर कहां तक पहुंच रहा था और इसके पीछे किसका संरक्षण था।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या इस पूरे मामले की डोर ऊंचे स्तर तक जुड़ी हुई थी या फिर कृषि मंत्री स्वयं इस कथित भ्रष्टाचार से पूरी तरह अनजान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मॉडल विकसित किया गया, जिसमें किसान और व्यापारी दोनों प्रभावित हुए। उनके अनुसार, छापेमारी और कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों को डराया-धमकाया गया तथा कथित रूप से आर्थिक दबाव बनाकर धन एकत्र किया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरे प्रकरण को "सरकार के संरक्षण में डकैती" करार देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि बीज और खाद कारोबार से जुड़े लोगों के साथ कथित रूप से होने वाली इस प्रकार की गतिविधियों के पीछे किसका संरक्षण था। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के इस्तीफे की मांग करना नहीं है, बल्कि जनता के सामने सच्चाई लाना है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई आरोप प्रमाणित हो जाए तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के ताजा बयान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में आ गया है।
उल्लेखनीय है कि एसीबी ने हाल ही में एक कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की थी और मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसी फिलहाल धन के स्रोत, लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की जांच और पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।