Friday, 29 May 2026

राजस्थान बॉर्डर सुरक्षा का नया मास्टर प्लान, 60 दिन में हटेंगे हजारों अवैध निर्माण


राजस्थान बॉर्डर सुरक्षा का नया मास्टर प्लान, 60 दिन में हटेंगे हजारों अवैध निर्माण

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जयपुर। राजस्थान सरकार ने पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के पांच सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर अगले 60 दिनों तक फील्ड में रहकर सीमा क्षेत्र में अवैध और संदिग्ध निर्माणों के खिलाफ सघन अभियान चलाएंगे। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित करीब 25,900 संदिग्ध या अवैध निर्माणों को हटाने का लक्ष्य तय किया है।

यह कार्रवाई जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी, श्रीगंगानगर, बीकानेर और जालौर जिलों में की जाएगी। जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि सीमा क्षेत्र में बने अवैध ढांचों को जमींदोज कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार, मुख्य सचिव और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाए। बॉर्डर सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे अब तक की सबसे सख्त और व्यापक कार्रवाई माना जा रहा है।

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों के म्यूल अकाउंट, शेल अकाउंट और फर्जी बैंक खातों की भी जांच की जाए। फर्जी आधार कार्ड और संदिग्ध पहचान पत्रों के जरिए सीमा क्षेत्र में रह रहे लोगों का सत्यापन कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में सीमावर्ती जिलों में कुछ सरकारी कर्मचारियों के आतंकी स्लीपर सेल से जुड़े होने के मामले सामने आने के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

राजस्व विभाग और प्रशासन ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी के लिए 9 आरएएस अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया है। ये अधिकारी जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जिलों में जीरो से तीन किलोमीटर तक के नो-मूवमेंट जोन का निरीक्षण करेंगे। उन्हें अनधिकृत नागरिकों की आवाजाही रोकने, अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने और अस्थायी निर्माणों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार ने सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा गया है, ताकि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवादी फंडिंग और अन्य सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों और निर्माणों का रिकॉर्ड तैयार करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। यदि इस क्षेत्र में बिना अनुमति कोई नया निर्माण किया जाता है तो उसे तत्काल बुलडोजर से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को मजबूत कर राष्ट्रीय सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर इस अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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