



बीकानेर स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय की पेंशनर्स कल्याण समिति ने राजस्थान सरकार से विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और कृषि वैज्ञानिकों की लंबित पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की है। समिति ने मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर नियमित पेंशन भुगतान, संशोधित वेतनमान के अनुसार पेंशन संशोधन और बकाया राशि के भुगतान की मांग उठाई।
समिति द्वारा भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में कृषि विकास को गति देने के उद्देश्य से वर्ष 1987 में बीकानेर में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने, अनुसंधान और किसानों में कृषि जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1991 में राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना लागू की थी, लेकिन समय के साथ पेंशन भुगतान की स्थिति बिगड़ती चली गई।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय के पास पेंशन कोष के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और राज्य सरकार द्वारा भी आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण वर्ष 2008-09 में पेंशन फंड लगभग समाप्त हो गया और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नियमित पेंशन मिलना प्रभावित हो गया। पेंशनर्स कल्याण समिति ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पेंशन भुगतान बाधित रहने के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
समिति ने यह भी बताया कि पेंशन भुगतान बंद होने के बाद विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अदालत के निर्देश पर राज्य सरकार ने सीमित राशि उपलब्ध करवाई, लेकिन अभी तक संशोधित वेतनमानों के अनुसार पेंशन का पुनर्निर्धारण नहीं किया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार के 75 वर्ष, 80 वर्ष, 85 वर्ष, 90 वर्ष और 100 वर्ष की आयु पर पेंशन वृद्धि संबंधी आदेशों का लाभ भी विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है।
समिति ने ज्ञापन में राज्य के उच्च अधिकारियों की बैठक का भी उल्लेख किया, जिसमें कृषि विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। इसके बावजूद पेंशन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
पेंशनर्स कल्याण समिति ने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें संशोधित वेतनमान के अनुसार पेंशन संशोधन, आयु आधारित पेंशन वृद्धि का लाभ, वर्तमान महंगाई भत्ते के आधार पर नियमित पेंशन भुगतान तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया पेंशन परिलाभ और एरियर का भुगतान शामिल है।
समिति ने राज्य सरकार से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि कृषि विकास में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा का सामना नहीं करना चाहिए।

