



लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की समीक्षा करते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोटा एयरपोर्ट पर ही इमीग्रेशन संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इससे विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को दिल्ली, मुंबई या जयपुर जैसे अन्य शहरों में इमीग्रेशन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
मंगलवार को संसद भवन स्थित कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संभागीय आयुक्त कोटा, बूंदी जिला कलेक्टर, कोटा विकास प्राधिकरण, पावर ग्रिड, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और वन विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। अक्टूबर 2027 तक एयरपोर्ट निर्माण कार्य पूर्ण कर रनवे पर विमानों का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा, जबकि दिसंबर 2027 तक यहां से नियमित व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार 1088 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। एयरपोर्ट का रनवे 3.2 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है, जहां ए-320 और ए-321 श्रेणी के बड़े विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। एयरपोर्ट पर कैटवन श्रेणी की आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था होगी, जिससे रात के समय भी बड़े यात्री विमान सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के पास एमआरओ यानी मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉल सुविधा विकसित करने की संभावनाएं भी तलाश की जाएं। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक वातावरण विकसित होगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हाड़ौती क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा कोटा-बूंदी सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के एयर साइड और सिटी साइड निर्माण कार्य दो अलग-अलग कंपनियों द्वारा एक साथ किए जा रहे हैं, जिससे परियोजना का काम तेजी से पूरा किया जा सकेगा।