



अहमदाबाद | गुजरात के अहमदाबाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के करेंसी चेस्ट से ₹8.70 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का करीब चार महीने बाद खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जिस पर चोरी की रकम को प्रॉपर्टी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी हर्षिद्द कडियार बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड शाखा में जूनियर जॉइंट कस्टोडियन के पद पर कार्यरत था। इसी शाखा में RBI का करेंसी चेस्ट भी संचालित होता है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 13 जनवरी को दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों की मदद से लोहे के बक्सों में नकदी भरकर बैंक परिसर से बाहर निकाली थी।
पुलिस ने आरोपी की कार की तलाशी के दौरान डिक्की से ₹2.2 करोड़ नकद बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने चोरी की रकम से अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में एक बंगला खरीदा, एक कॉमर्शियल वाहन लिया और शहर में एक दुकान भी खरीदी। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने अपनी एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए ₹23 लाख की आर्थिक मदद दी थी और ₹5 लाख नकद भी दिए थे। पुलिस अब इस लेनदेन और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चोरी की रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश किया था। पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा अब आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और क्रिप्टो निवेश की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल का पता लगाया जा सके।
RBI करेंसी चेस्ट से इतनी बड़ी रकम की चोरी ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि आरोपी को करेंसी चेस्ट की आंतरिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा सिस्टम की पूरी जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं।