



टोंक | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे ईसरदा बांध परियोजना का वर्ष 2026 में दूसरी बार हवाई सर्वेक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे जयपुर से बीसलपुर बांध जाते समय हेलीकॉप्टर के जरिए परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ईसरदा बांध परियोजना को राम जल सेतु परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री इस दौरान परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देंगे। राज्य सरकार इस परियोजना को पूर्वी राजस्थान के जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है।
ईसरदा बांध परियोजना से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। योजना के तहत ईसरदा बांध से खुराचैनपुरा और बंद बारेठा (भरतपुर) तक फीडर निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस फीडर लाइन के निर्माण के लिए दौसा, करौली और सवाई माधोपुर जिलों के करीब 70 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
परियोजना पूरी होने के बाद भरतपुर जिले सहित पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो जाएगा। सरकार का दावा है कि ERCP परियोजना के जरिए जल संकट वाले इलाकों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी और सिंचाई व्यवस्था भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस परियोजना की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यही कारण है कि वे लगातार परियोजना की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। अधिकारियों को परियोजना की समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पूर्वी राजस्थान के लोगों को जल्द लाभ मिल सके।
ईसरदा बांध परियोजना को राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी जल परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में राजस्थान के जल प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।