Saturday, 29 August 2026

आरएसआरडीसी बोर्ड बैठक में एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को मिली रफ्तार, ₹4938 करोड़ के ऋण प्रस्ताव को मंजूरी


आरएसआरडीसी बोर्ड बैठक में एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को मिली रफ्तार, ₹4938 करोड़ के ऋण प्रस्ताव को मंजूरी

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जयपुर | उप मुख्यमंत्री एवं राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (RSRDC) की अध्यक्ष दिया कुमारी ने रविवार को आयोजित आरएसआरडीसी की 131वीं बोर्ड बैठक में राज्य की प्रमुख सड़क एवं एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए। बैठक में कोटपुतली–किशनगढ़ और ब्यावर–भरतपुर एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु ₹4938 करोड़ के ऋण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाकर प्रदेश में बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

बैठक में नसीराबाद–सरवाड़–केकड़ी–देवली सड़क (SH-26) के अपग्रेडेशन, केकड़ी बाईपास निर्माण और सड़क को दो लेन से चार लेन में विकसित करने के लिए ₹460 करोड़ के ऋण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा गोटन–बिलाड़ा–पुण्डल सड़क की मरम्मत के लिए ऋण राशि को ₹17 करोड़ से बढ़ाकर ₹27.87 करोड़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में उपयोगिता और आमजन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क मजबूत होने से प्रदेश में निवेश, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और यातायात सुविधाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैलेंस शीट को अंतिम रूप देने सहित कुल 33 नियमित और 2 अतिरिक्त प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, वित्त विभाग की शासन सचिव टीना सोनी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के शासन सचिव डी.आर. मेघवाल, मुख्य अभियंता (भवन) सत्येन्द्र सिंह, आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक सुनील जयसिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच आरएसआरडीसी की यह बैठक सड़क परियोजनाओं को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। सरकार का फोकस अब एक्सप्रेस-वे, बाईपास और हाईवे नेटवर्क को मजबूत कर प्रदेश की कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर है।

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