Saturday, 29 August 2026

राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 की कई कैटेगिरी की मेरिट लिस्ट रद्द


राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 की कई कैटेगिरी की मेरिट लिस्ट रद्द

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

जयपुर | राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कई कैटेगिरी की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की अदालत ने विनोद कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन कैटेगिरी की मेरिट सूची निरस्त कर दी, जिनमें कटऑफ अंक लगभग शून्य स्तर तक पहुंचे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में न्यूनतम अंक निर्धारित करना आवश्यक है। बिना न्यूनतम अंक तय किए भर्ती करना संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत माना जाएगा। कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भर्ती प्रक्रिया के लिए न्यूनतम अंक निर्धारित करने की छूट देते हुए नई मेरिट सूची जारी करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का हो, लेकिन सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए एक “बेसिक स्टैंडर्ड” होना आवश्यक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम योग्यता और चयन मानकों के बिना भर्ती प्रक्रिया उचित नहीं मानी जा सकती।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरेंद्र नील ने अदालत को बताया कि विनोद कुमार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में एक्स सर्विसमैन (ओबीसी) श्रेणी में आवेदन किया था। परीक्षा में उसके अंक माइनस में आए थे। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि भर्ती विज्ञप्ति और सेवा नियमों में न्यूनतम अंक निर्धारित नहीं किए गए थे तथा कई श्रेणियों में कटऑफ 0.0033 तक गई थी।

उन्होंने कहा कि जब शून्य अंक के आसपास कटऑफ वाले अभ्यर्थियों का चयन किया गया, तो माइनस अंक वाले अभ्यर्थियों को बाहर रखना उचित नहीं है। उनका कहना था कि शून्य और माइनस अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता में विशेष अंतर नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान कार्मिक विभाग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से अदालत को बताया गया कि सेवा नियमों में न्यूनतम अंक का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए शून्य अंक वाले अभ्यर्थियों का चयन किया गया। हालांकि माइनस अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को अत्यंत कमजोर श्रेणी का मानते हुए चयन नहीं किया गया।

लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में न्यूनतम अंक तय होना जरूरी है। अदालत ने संबंधित विभाग और कर्मचारी चयन बोर्ड को निर्देश दिए कि न्यूनतम अंक निर्धारित कर प्रभावित कैटेगिरी की नई मेरिट सूची जारी की जाए।

हाईकोर्ट द्वारा जिन श्रेणियों की मेरिट सूची रद्द की गई है, उनमें सामान्य एक्स सर्विसमैन, एससी विधवा, एसटी विधवा, ओबीसी विधवा, एमबीसी विधवा, सहरिया वर्ग की विभिन्न श्रेणियां तथा दिव्यांग वर्ग की कई कैटेगिरी शामिल हैं। टीएसपी क्षेत्र की कुछ श्रेणियों की मेरिट सूची भी रद्द की गई है।

Previous
Next

Related Posts