



सीकर | सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिले की विभिन्न विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता सीकर सांसद अमराराम ने की। बैठक में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित कई विभागों के कार्यों पर चर्चा हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली और योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जताई।
बैठक में पीसीसी चीफ और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि पिछली दिशा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि 10 महीने पहले हुई बैठक में जिन प्रस्तावों और समस्याओं पर चर्चा हुई थी, उनकी पालना रिपोर्ट तक अधिकारी ठीक से प्रस्तुत नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत कई बजट घोषणाओं की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक काम पूरे नहीं हुए हैं। नई बजट घोषणाओं पर भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। डोटासरा ने सीकर जिले में गंभीर पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उसके समाधान के लिए कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आ रहा। विधायक और सांसद कोटे के कार्य भी लंबे समय से लंबित पड़े हैं।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी बिना तैयारी पहुंचे, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई। जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए डोटासरा ने कहा कि केवल “देख लेंगे” और “करवा देंगे” जैसे जवाब दिए जा रहे हैं, जबकि कई कार्य 10-10 महीने से अधूरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बिजली, पानी, चिकित्सा और सड़क व्यवस्था की स्थिति खराब है। नीमकाथाना जिला अस्पताल करीब एक साल से उद्घाटन का इंतजार कर रहा है और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
सीकर सांसद अमराराम ने जिले में पेयजल संकट को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 से चूरू और झुंझुनूं क्षेत्र की पेयजल योजनाओं पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की कई योजनाओं की स्वीकृति वर्ष 2028 तक की है, लेकिन धरातल पर कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में ट्यूबवेल खोदे गए, लेकिन अब तक केवल छह ट्यूबवेलों के कनेक्शन ही हो पाए हैं। सांसद ने कहा कि मनरेगा और सांसद निधि के कार्यों की स्वीकृति के बावजूद जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि बैठक में बिजली, पानी, सड़क और चिकित्सा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है तथा जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के जनकल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने डीएमएफटी बजट जारी नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से डीएमएफटी के कार्य बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वैध खनन को प्रोत्साहन नहीं मिलने से अवैध खनन बढ़ रहा है, जिससे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।फतेहपुर विधायक हाकम अली ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल पहले बनी सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं और कई ठेकेदार कार्य अधूरा छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि पहले अधिकारी ठेकेदारों पर नियंत्रण रखते थे, लेकिन अब स्थिति उलट हो चुकी है।
बैठक में जिला कलक्टर आशीष मोदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह, सीकर विधायक राजेंद्र पारीक सहित कई जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।