Saturday, 29 August 2026

टोंक रोड बनेगा 17 किलोमीटर लंबा मॉडल कॉरिडोर, यादगार से इंडिया गेट सीतापुरा तक होगा ट्रैफिक सुधार कार्य


टोंक रोड बनेगा 17 किलोमीटर लंबा मॉडल कॉरिडोर, यादगार से इंडिया गेट सीतापुरा तक होगा ट्रैफिक सुधार कार्य

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जयपुर | जयपुर की प्रमुख टोंक रोड को जाम मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अब यादगार से इंडिया गेट सीतापुरा तक लगभग 17 किलोमीटर लंबा मॉडल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। पहले यह प्रस्ताव केवल यादगार से सांगानेर थाना पुलिया तक करीब 11 किलोमीटर के हिस्से के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले महीने टोंक रोड की ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान और इसे मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्य योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में बुधवार देर रात प्रशासनिक अधिकारियों ने टोंक रोड का मौका निरीक्षण किया। प्रारंभिक योजना के अनुसार निरीक्षण कलेक्टर, जेडीसी और नगर निगम आयुक्त द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना था, लेकिन बाद में एडीएम युगांतर शर्मा, नगर निगम उपायुक्त ओम थानवी, जेडीए अभियंता भंवरू खां और सपन मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रात करीब 10 बजे पैदल दौरा कर सड़क व्यवस्था, ट्रैफिक और अवसंरचना से जुड़ी समस्याओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम अधिकारियों को ड्रेनों की सफाई के निर्देश दिए गए। वहीं महारानी कॉलेज, सूचना केंद्र और महाराजा कॉलेज के बाहर रोड लाइट व्यवस्था अपर्याप्त मिलने पर उसमें सुधार करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने टोंक रोड पर मौजूद अनावश्यक रोड कट बंद करने, फुटपाथ विकसित करने तथा सड़क पार करने के लिए पद मार्ग बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, प्रमुख लेफ्ट टर्न पर अलग लेन विकसित की जाएगी ताकि मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम हो और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे। सड़क सीमा में आने वाले स्थायी और अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने की भी तैयारी की जा रही है।

प्रस्तावित मॉडल कॉरिडोर के तहत सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कार्य किए जाएंगे। इनमें रोड कट बंद करना, पद मार्ग निर्माण, लेफ्ट टर्न के लिए अलग लेन तैयार करना, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारना और रोड लाइट व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है। प्रशासन का मानना है कि मॉडल कॉरिडोर विकसित होने के बाद टोंक रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।

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