



अलवर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति देने के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। अलवर, नीमराणा और भिवाड़ी के कुल 37 औद्योगिक जोन में ई-बस संचालन, कॉरिडोर निर्माण, सफाई व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इन प्रस्तावों को लेकर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कई योजनाओं पर सहमति बनी।
अलवर के एमआईए औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में 11 औद्योगिक जोन हैं, जहां लगभग 1150 उद्योग संचालित हो रहे हैं। यहां सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए घरेलू कचरा संग्रहण हेतु अलग ऑटो टिपर चलाने की योजना बनाई गई है। ये वाहन शहर में चलने वाले सामान्य ऑटो टिपर से अलग होंगे। साथ ही सड़कों पर जमा धूल हटाने के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाने का प्रस्ताव है, जो करीब 65 किलोमीटर क्षेत्र की सड़कों की सफाई करेंगी। औद्योगिक क्षेत्र में वाटर कैनन मशीन उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
वहीं नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में 13 जोन और 550 से अधिक उद्योग संचालित हैं। यहां उद्योगों की ओर से लंबे समय से नीमराणा से काठवास तक 200 फीट चौड़ा ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने की मांग की जा रही है। साथ ही नीमराणा और भिवाड़ी को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए भी कॉरिडोर निर्माण पर जोर दिया गया है, ताकि औद्योगिक माल का परिवहन सुगम हो सके।
नीमराणा में ऊंची औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए हाइड्रोलिक फायर टेंडर मशीन की मांग भी उठाई गई है। इस परियोजना पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। वर्तमान में आगजनी की बड़ी घटनाओं के दौरान एनडीआरएफ टीम को जयपुर से बुलाना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र में एसडीआरएफ प्लाटून की स्थायी तैनाती की मांग भी रखी गई है।
नीमराणा उद्योग संघ अध्यक्ष कृष्ण गोपाल कौशिक ने कहा कि इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर तक लगातार चर्चा की गई है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 13 जोन और करीब 7 हजार उद्योग संचालित हैं। यहां 50 ई-बसें चलाने की योजना तैयार की गई है। इन बसों के माध्यम से श्रमिकों, कर्मचारियों और आम लोगों को शहर और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इसके अलावा भिवाड़ी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना भी है, जिससे उपचारित पानी उद्योगों में उपयोग किया जा सकेगा और जल संकट कम होगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से भिवाड़ी को जोड़ने के लिए बायपास निर्माण की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
भिवाड़ी औद्योगिक संघ अध्यक्ष प्रवीण लांबा ने कहा कि यदि ये सभी सुविधाएं समय पर विकसित हो जाती हैं तो औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार होगा और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।