



राजस्थान सहकारिता विभाग में रजिस्ट्रार सहकारी समितियां एवं शासन सचिव समित शर्मा की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। विभाग के पुरुष और महिला कर्मचारियों ने महिलाओं की छुट्टियों पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में ‘पिंक फॉर रेस्पेक्ट’ अभियान शुरू कर दिया है। विरोध स्वरूप कर्मचारी गुलाबी रंग के कपड़े पहनकर कार्यालय पहुंच रहे हैं और महिला सम्मान की मांग कर रहे हैं।
मामला 6 मई 2026 को आयोजित ऑनलाइन बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि रजिस्ट्रार सहकारी समितियां एवं शासन सचिव समित शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान महिलाओं की छुट्टियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कर्मचारियों का आरोप है कि बैठक में कहा गया कि महिलाएं बहाने बनाकर छुट्टियां लेती हैं, कभी मातृत्व अवकाश, कभी बाल देखभाल अवकाश और कभी गर्भपात का हवाला देकर छुट्टी लेती हैं। इस कथित बयान के सामने आने के बाद विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों और महिला संगठनों का कहना है कि गर्भपात जैसी परिस्थितियां किसी भी महिला के लिए बेहद संवेदनशील और पीड़ादायक होती हैं। ऐसे मामलों को मजाक या टिप्पणी का विषय बनाना महिला गरिमा और मातृत्व सम्मान के खिलाफ है।
एसोसिएशन ऑफ राजस्थान कोऑपरेटिव सबऑर्डिनेट सर्विसेज ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि महिलाओं को कानून के तहत मिले अधिकारों और संवेदनशील परिस्थितियों का सम्मान किया जाना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि ‘पिंक फॉर रेस्पेक्ट’ अभियान केवल विरोध नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान और संवेदनशील व्यवहार की मांग का प्रतीक है। विभागीय कर्मचारियों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा का कहना है कि सहकारिता राज्य मंत्री गौतम दक के निर्देशानुसार, हमने विभाग में सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य है कि कर्मचारी समय पर दफ्तर आएं। साथ ही, हमारे बैंकों में उपभोक्ताओं को समय से सारी सेवाएं उपलब्ध हो सकें। कुछ कर्मचारी बायोमेट्रिक हाजिरी का विरोध कर रहे हैं। वो नहीं चाहते है कि ऐसी व्यवस्था लागू की जाए। यही कारण है कि वो इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही, इसे महिला विरोध का रंग दे रहे हैं। रही बात अभद्र टिप्पणी की कि तो मैंने मीटिंग में ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। मीटिंग में मैंने सिर्फ छुट्टियों का जिक्र किया था। किसी विशेष अवकाश को लेकर कोई भी बात नहीं की थी। अधिकांश कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति को अपना चुके हैं। कुछ इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। फिलहाल, विभाग में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।