



बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस से जुड़े मजदूरों और स्थानीय युवाओं का आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। मंगलवार को शिव निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और जिला प्रशासन के बीच करीब पांच घंटे तक वार्ता चली, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता के बाद निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के हक और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ कई मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर अभी भी फैसला नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बुधवार को फिर से बातचीत का दौर शुरू होगा।
विधायक भाटी ने स्पष्ट कहा कि जब तक मजदूरों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को केवल एसी कमरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए मैदान में उतरकर संघर्ष करना चाहिए।
मंगलवार को दिनभर चले घटनाक्रम के दौरान निर्दलीय विधायक भाटी करीब आधे घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर रहे। इस दौरान जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट भी मौजूद रहे। वहीं कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में विधायक के समर्थक डटे रहे।
दरअसल गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में स्थानीय लोगों का आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। आंदोलनकारी स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, श्रमिकों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू करने और रोजगार सुरक्षा जैसी मांगें उठा रहे हैं।
इससे पहले मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए थे, जब पुलिस ने कलेक्ट्रेट से पहले विधायक भाटी के काफिले को रोक दिया था। इसके बाद समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और विधायक भाटी ने विरोध स्वरूप अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया था। हालांकि समर्थकों ने तुरंत स्थिति संभाल ली थी और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अब बुधवार को होने वाली अगली वार्ता पर मजदूर आंदोलन और प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है।