Tuesday, 19 May 2026

स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश का मामला, नर्सिंग अधिकारी पर खुद का ट्रांसफर कराने का आरोप


स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश का मामला, नर्सिंग अधिकारी पर खुद का ट्रांसफर कराने का आरोप

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राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश जारी करने का मामला सामने आया है। नर्सिंग अधिकारी दिलीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने खुद का तबादला करवाने के लिए विभागीय आदेश की नकली प्रति तैयार कर ली और उसे आधिकारिक आदेश की तरह उपयोग करने का प्रयास किया।

जानकारी के अनुसार आरोपी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान के निदेशक रवि प्रकाश शर्मा के नाम से फर्जी तबादला आदेश जारी किया। आरोप है कि आदेश को वास्तविक दिखाने के लिए निदेशक के अधिकृत हस्ताक्षरों का भी उपयोग किया गया।

बताया जा रहा है कि यह कथित फर्जी आदेश 24 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था। आदेश में यह उल्लेख किया गया कि कोटपूतली विधायक हंसराज पटेलकी अनुशंसा और विभागीय आवश्यकता के आधार पर तबादला किया जा रहा है।

फर्जी आदेश के अनुसार नर्सिंग अधिकारी दिलीप सिंह की तैनाती सिरोही जिले के रेवदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंदार में थी। वहां से उनका तबादला कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनोता में दर्शाया गया।

मामले का खुलासा होने के बाद निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ करने और विभाग को गुमराह करने के आरोप लगाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि आदेश पूरी तरह विभागीय प्रारूप में तैयार किया गया था और उसमें संबंधित अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजने का उल्लेख भी किया गया था। साथ ही तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी लिखे गए थे, जिससे पहली नजर में आदेश वास्तविक प्रतीत हो रहा था।

इस मामले में डीसीपी साउथ राजर्षि राज  ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी आदेश तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या विभागीय कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही।

स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की तबादला प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे विभागीय व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है।

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