



जयपुर। नीट पेपरलीक प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक महेंद्र पाल मीना के भतीजे के नीट-2025 में चयन को लेकर सवाल उठाए। इस पर विधायक ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि पेपरलीक मामले में आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिंवाल परिवार के बच्चों के अलावा आरोपियों के करीबी नेताओं से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोपी दिनेश के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि उसमें 'बड़े लोगों' के शामिल होने की बात कही गई थी। डोटासरा ने मांग की कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस प्रकरण में पूरे नेटवर्क का निष्पक्ष और गहराई से खुलासा होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयान का हवाला देते हुए यह भी पूछा कि पेपरलीक के 'मगरमच्छ' आखिर कब पकड़े जाएंगे।
विधायक ने किया खंडन
जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक महेंद्र पाल मीना ने डोटासरा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनके परिवार का नीट पेपरलीक मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके चाचा के पोते धर्मचंद मीना ने मेहनत के दम पर सफलता हासिल की है। विधायक ने कहा कि सांच को आंच नहीं, जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी पेपरलीक के कई मामले सामने आए थे।
जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक के चचेरे भाई सुखपाल मीना ने भी स्पष्ट किया कि उनके बेटे धर्मचंद और भतीजे रोहित दोनों ने नीट-2025 परीक्षा दी थी। धर्मचंद का चयन हुआ जबकि रोहित का नहीं हो सका, जो यह साबित करता है कि पेपरलीक से उनका कोई संबंध नहीं है।
धर्मचंद ने 465 अंक लेकर पाई 781वीं रैंक
जानकारी के अनुसार धर्मचंद मीना ने नीट-2025 में 720 में से 465 अंक प्राप्त कर एसटी वर्ग में 781वीं रैंक हासिल की थी और वर्तमान में मुंबई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चा बिंवाल परिवार के पांच बच्चों के एक साथ नीट में चयन को लेकर है। हालांकि अब तक जांच एजेंसियों की ओर से विधायक या उनके परिवार के खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप सार्वजनिक नहीं किया गया है।