Sunday, 17 May 2026

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे की बॉटनी टीचर गिरफ्तार, NTA एक्सपर्ट बनकर लीक किया था पेपर, अब तक 9 गिरफ्तार


नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे की बॉटनी टीचर गिरफ्तार, NTA एक्सपर्ट बनकर लीक किया था पेपर, अब तक 9 गिरफ्तार

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नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। जांच एजेंसी ने पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक घोटाले में अब तक गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या 9 हो गई है।

सीबीआई के अनुसार मनीषा मंधारे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट परीक्षा प्रक्रिया के लिए विषय विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था। इसी पद का फायदा उठाकर उन्होंने बायोलॉजी के पेपर तक अपनी पहुंच बनाई। जांच में सामने आया है कि अप्रैल में मनीषा मंधारे, पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे के संपर्क में आईं और इसके बाद अपने पुणे स्थित घर पर चुनिंदा नीट उम्मीदवारों के लिए गुप्त कोचिंग क्लास आयोजित कीं।

कॉपियों में लिखवाए असली सवाल

सीबीआई के अनुसार इन गुप्त कोचिंग क्लासों में मनीषा मंधारे ने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न लीक किए। उन्होंने छात्रों से वे सवाल उनकी कॉपियों में लिखवाए और टेक्स्टबुक्स में भी टिक लगवाए। जांच में पाया गया कि मनीषा द्वारा लिखवाए गए अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के पेपर से हूबहू मेल खाते थे।

मास्टरमाइंड कुलकर्णी एक दिन पहले हुए थे गिरफ्तार

इस रैकेट के मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को एक दिन पहले सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है। कुलकर्णी को भी NTA की तरफ से परीक्षा प्रक्रिया से जोड़ा गया था। उन्होंने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पुणे में स्पेशल क्लास चलाई, जहां केमिस्ट्री के सवाल विकल्पों और सही जवाबों सहित छात्रों को रटवाए गए।

देशभर में छापेमारी, 9 गिरफ्तार

पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देश के 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए। जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी दोनों पेपर लीक के मुख्य स्रोत और लाखों रुपये लेकर छात्रों को गुप्त क्लासों तक पहुंचाने वाले बिचौलियों की भी पहचान हो चुकी है। दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद सीबीआई ने 12 मई 2026 को यह मामला दर्ज किया था।

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