



दिल्ली में शुक्रवार से देश की पहली हाइड्रोजन चालित बस सेवा शुरू हो गई। यह विशेष शटल सेवा सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों और मेट्रो स्टेशनों के बीच संचालित की जाएगी। इस पहल को स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह सेवा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशनऔर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशनकी साझेदारी में शुरू की गई है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने औपचारिक रूप से बसों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा।
नई हाइड्रोजन बस सेवा केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को जोड़ते हुए कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन और इंडिया गेट जैसे प्रमुख सरकारी क्षेत्रों तक संचालित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और यात्रियों को बेहतर अंतिम चरण संपर्क सुविधा उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन चालित बसें पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती हैं। इनसे प्रदूषण में कमी आती है और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
सरकार की ओर से हाल के दिनों में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, स्वच्छ ईंधन और हरित परिवहन को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसी सेवाओं का विस्तार अन्य शहरों में भी किया जा सकता है।
परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली भारत को हरित ऊर्जा अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।