



भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरल में दस्तक दे सकता है। सामान्य तौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके निर्धारित समय से पहले आने की संभावना जताई गई है।
मानसून के केरल पहुंचने के बाद यह धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ता है। मौसम विभाग के अनुसार यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस बार मानसून की प्रगति सामान्य से तेज हो सकती है।
पिछले वर्ष भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। वर्ष 2025 में मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था। वहीं पूरे मानसूनी सीजन के दौरान देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी।
30 सितंबर 2025 को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया था कि देश में सामान्य से लगभग 8 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। पूरे सीजन में 937.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी। उस समय विभाग के महानिदेशक Mrutyunjay Mohapatra ने मानसून सीजन को अत्यंत सफल बताया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून आने से कृषि क्षेत्र को फायदा मिल सकता है, खासकर खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव जैसी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग लगातार समुद्री परिस्थितियों, हवाओं की दिशा और तापमान में बदलाव की निगरानी कर रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति को लेकर और विस्तृत पूर्वानुमान जारी किए जाएंगे।