Friday, 15 May 2026

नीट पेपर लीक पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का हमला, बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और छात्रों से माफी मांगें


नीट पेपर लीक पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का हमला, बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और छात्रों से माफी मांगें

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राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश के युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाई गई थी, लेकिन अब लगातार हो रहे पेपर लीक ने इस संस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रही है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में सरकार असफल रही।

उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर भी निशाना साधा। जूली ने कहा कि भाजपा नेताओं के साथ आरोपियों की तस्वीरें सामने आने के बावजूद सरकार मामले को हल्के में लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मामला इतना गंभीर था तो नौ दिनों तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित थाना अधिकारी ने निश्चित रूप से उच्च अधिकारियों से बात की होगी, लेकिन इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने पूछा कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेपर लीक रोकने के लिए पहले से कड़ा कानून लागू है, जिसमें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। जूली का आरोप था कि शायद इसी कारण राज्य स्तर पर मामला दर्ज करने से बचा गया।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल छोटे आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन बड़े लोगों तक भी पहुंचना चाहिए जिनके बारे में पेपर माफिया खुद संकेत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होना जरूरी है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एसओजी द्वारा “गेस पेपर” कहे जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आखिर ऐसा कौन भविष्यवक्ता था जिसने प्रश्नपत्र के इतने सवाल पहले ही बता दिए।

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