



राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर तीखा हमला बोला है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है और वहां ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई, जिनके कार्यकाल में व्यापमं जैसे बड़े परीक्षा घोटाले सामने आए।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक अब एक संगठित धंधा बन चुका है और यह अधिकतर भाजपा शासित व्यवस्थाओं में पनप रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अब “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी” नहीं, बल्कि “नो ट्रस्ट एजेंसी” बन चुकी है, क्योंकि करोड़ों युवाओं का इस संस्था से भरोसा पूरी तरह टूट गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सरकारी संस्था की तरह नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन की तरह कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और संगठित माफिया पूरे तंत्र पर हावी हो चुके हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है, क्योंकि जनता के बीच उसकी छवि सरकार के प्रभाव में काम करने वाली एजेंसी की बन चुकी है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराई जाए या फिर सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तभी निष्पक्ष तरीके से सच्चाई सामने आ सकेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने राजस्थान सरकार की उस घोषणा पर भी सवाल उठाए, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान राज्य परीक्षण एजेंसी बनाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर ही भ्रष्टाचार और पेपर माफिया के आरोप लग रहे हैं, तो उसी मॉडल पर नई एजेंसी बनाना युवाओं के भविष्य के साथ जोखिम होगा।
उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में भाजपा नेताओं और मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है, उनके संबंध भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि वर्ष 2025 में भी पेपर लीक के जरिए कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को परीक्षा में सफलता दिलाकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलवाया था।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार दावा करते हैं कि भाजपा शासन में राजस्थान में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में भी कई परीक्षा घोटाले हुए, जिन्हें दबाने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सख्त कार्रवाई करना चाहती है, तो पेपर माफिया की संपत्तियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।