



केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल गुरुवार को बीकानेर पहुंचे तो उन्होंने सादगी और ईंधन बचत की अनूठी मिसाल पेश की। रेलवे स्टेशन से अपने घर तक जाने के लिए उन्होंने कार की बजाय ई-रिक्शा का चयन किया। उन्होंने करीब 8 किलोमीटर का सफर ई-रिक्शा में बैठकर तय किया, जिसकी शहरभर में चर्चा रही।
रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद अर्जुनराम मेघवाल ने अपने लिए किसी विशेष वाहन या लंबी गाड़ियों का काफिला नहीं बुलाया। वे एक सामान्य ई-रिक्शा में अपने अंगरक्षक और निजी सहायक के साथ सवार हुए। वहीं उनके समर्थक दूसरे ई-रिक्शा में बैठे नजर आए। हालांकि स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए कई समर्थक कारों से पहुंचे हुए थे, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने साधारण तरीके से यात्रा कर अलग संदेश देने का प्रयास किया।
सूत्रों के अनुसार अर्जुनराम मेघवाल ने पहले ही अपने सहयोगियों और प्रशासन को निर्देश दे दिए थे कि वे लंबे काफिले और अनावश्यक सरकारी तामझाम के साथ यात्रा नहीं करेंगे। उन्होंने सादगी, पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में केंद्रीय मंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं सादगी अपनाते हैं और संसाधनों की बचत का संदेश देते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर भी पड़ता है। विशेष रूप से ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर यह कदम प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाल के दिनों में देशभर में ऊर्जा संरक्षण और अनावश्यक खर्चों में कटौती को लेकर चर्चा तेज हुई है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों द्वारा सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने को आम लोगों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।