



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने और ऊर्जा संरक्षण को लेकर की गई हालिया अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को नागौर जिले के मेड़ता में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सादगी और संसाधन बचत का संदेश देते हुए कारपूलिंग की। दोनों नेता हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक एक ही वाहन में पहुंचे।
आमतौर पर वीवीआईपी दौरों के दौरान सुरक्षा कारणों से लंबा वाहन काफिला देखने को मिलता है, जिसमें बड़ी संख्या में गाड़ियां शामिल रहती हैं। लेकिन मेड़ता दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की अपील को प्राथमिकता देते हुए काफिले को सीमित रखा गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान केवल छह गाड़ियां ही काफिले में नजर आईं। इससे पहले स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने हालिया दौरे में केवल दो गाड़ियों के साथ यात्रा कर चुके हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोपहर करीब 12:15 बजे मेड़ता के डांगावास स्थित हेलीपैड पहुंचे। यहां से दोनों नेता एक ही वाहन में सवार होकर प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों नेताओं ने मेड़ता के संस्थापक राव दूदा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने राव दूदा के शौर्य, त्याग और भक्ति की विरासत को नमन करते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया।
मेड़ता कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं का अगला पड़ाव जोधपुर निर्धारित है। तय कार्यक्रम के अनुसार रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री दोपहर बाद जोधपुर पहुंचेंगे, जहां रातानाडा चौराहे के पास राजस्थान के पूर्व उपराष्ट्रपति और वरिष्ठ नेता भैरों सिंह शेखावत की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार दोनों नेता दोपहर 2:35 बजे जोधपुर पहुंचेंगे और प्रतिमा अनावरण के बाद शाम 4 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में दोनों नेताओं की कारपूलिंग और छोटे काफिले की चर्चा जोरों पर है। जानकारों का मानना है कि जब देश और राज्य के शीर्ष पदों पर बैठे नेता स्वयं सादगी और संसाधन बचत का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तो इसका सकारात्मक संदेश प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता दोनों तक पहुंचता है।