Thursday, 14 May 2026

जयपुर में बहुचर्चित आईटी धोखाधड़ी मामला: करोड़ों की ठगी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार


जयपुर में बहुचर्चित आईटी धोखाधड़ी मामला: करोड़ों की ठगी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

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जयपुर के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में सामने आए बहुचर्चित आईटी धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी जितेंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं मामले के अन्य आरोपी संदीप अग्रवाल और अजीत जैन फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

मालवीय नगर थाना पुलिस ने मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। यह मामला आईटी कंपनी संचालक अरुण गोयल की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी कंपनी में उच्च पदों पर कार्यरत रहे पूर्व कर्मचारियों ने विश्वासघात करते हुए करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जितेंद्र जैन, संदीप अग्रवाल और अजीत जैन लंबे समय तक अरुण गोयल की आईटी कंपनी में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए “इन्वेंट कोलेप्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड” नाम से नई कंपनी स्थापित की। शिकायत में आरोप है कि इस नई कंपनी में आरोपियों ने अपनी माताओं और अन्य परिजनों को निदेशक बनाकर डमी निदेशक के रूप में इस्तेमाल किया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने कंपनी का गोपनीय सॉफ्टवेयर, संवेदनशील डेटा और ग्राहकों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी कर उसी प्रकार का समानांतर कारोबार शुरू कर दिया। आरोप है कि ग्राहकों को भ्रमित कर भुगतान दूसरी कंपनियों और खातों में ट्रांसफर करवाया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि इस कथित साजिश के कारण मूल कंपनी को करीब दो करोड़ रुपए से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।

पुलिस अब मामले में वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और कंपनी दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा चोरी किए गए डेटा और सॉफ्टवेयर का किस स्तर तक उपयोग किया गया। यह मामला आईटी क्षेत्र में डेटा सुरक्षा, कर्मचारी गोपनीयता और कॉर्पोरेट विश्वासघात जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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