Tuesday, 12 May 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले बोले- पाकिस्तान से बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए, लेकिन आतंक का जवाब जरूरी


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले बोले- पाकिस्तान से बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए, लेकिन आतंक का जवाब जरूरी

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव  दत्तात्रेय होसबाले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वीजा व्यवस्था, खेलकूद और व्यापारिक संबंध जारी रहने चाहिए, लेकिन पुलवामा जैसे आतंकी हमलों का जवाब मजबूती से देना भी आवश्यक है।

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के CEO विजय जोशी को दिए इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध पुराने हैं और दोनों कभी एक ही राष्ट्र का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर भरोसा कम हुआ है, इसलिए वहां के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सिविल सोसायटी को आगे आकर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव  दत्तात्रेय होसबाले ने “हिंदू राष्ट्र” के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया नहीं जा रहा, बल्कि यह पहले से ही सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र रहा है। उनके अनुसार हिंदू राष्ट्र का अर्थ किसी धार्मिक राज्य से नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान से है। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन से राष्ट्रीयता नहीं बदलती और भारत में सभी नागरिक समान हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव  दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत में मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं माना जाता और सरकारी योजनाओं का लाभ सभी समुदायों तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि RSS लगातार अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं से संवाद करता रहा है।

“लव जिहाद” के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि किसी संबंध के पीछे किसी विशेष एजेंडे या सुनियोजित साजिश का उद्देश्य हो, तो वह स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय विशेष की लड़कियों को निशाना बनाने की एकतरफा कोशिश होती है, तो उसे प्रेम नहीं बल्कि साजिश माना जाएगा।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव  दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संविधान सभी को राजनीतिक दल बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार देता है। उन्होंने टिप्पणी की कि मुस्लिम समाज में राष्ट्रवादी नेतृत्व कम दिखाई देता है और समुदाय अक्सर अलगाववादी सोच रखने वाले नेताओं को समर्थन देता है।

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