Thursday, 14 May 2026

जयपुर हाईकोर्ट में सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करना पड़ा भारी, पूर्व सभापति कमल राठौड़ और ड्राइवर को अवमानना नोटिस


जयपुर हाईकोर्ट में सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करना पड़ा भारी, पूर्व सभापति कमल राठौड़ और ड्राइवर को अवमानना नोटिस

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाना बारां नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ को भारी पड़ गया। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने कमल राठौड़ और उनके ड्राइवर अनिल सुमन के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

मामला सोमवार की सुनवाई के दौरान सामने आया, जब कमल राठौड़ अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे में स्वयं पैरवी कर रहे थे। इसी दौरान अदालत को जानकारी मिली कि कोर्ट रूम में मौजूद एक व्यक्ति मोबाइल फोन से कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा है। कोर्ट के निर्देश पर उस व्यक्ति को पकड़ा गया तो उसने रिकॉर्डिंग डिलीट करने की कोशिश की। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल सुमन बताया और स्वीकार किया कि वह कमल राठौड़ का ड्राइवर है तथा उन्हीं के कहने पर रिकॉर्डिंग कर रहा था।

इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कृत्य न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के साथ-साथ अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा कि न्यायालय की कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह न्याय व्यवस्था की गरिमा को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है।

अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम-2020 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करना नियमों का उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान अदालत ने अरुंधति रॉय से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में आमजन का विश्वास कमजोर होता है तो यह समाज के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिए कि अनिल सुमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए और उसका मोबाइल फोन जब्त किया जाए। साथ ही अदालत ने मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि आगे की सुनवाई उनके आदेशानुसार सूचीबद्ध की जा सके।

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