



जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम अपने बेड़े को आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रोडवेज प्रशासन दिसंबर तक 1567 नई बसों को फ्लीट में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि राजस्थान रोडवेज पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसों को अपने संचालन में शामिल करेगा।
रोडवेज प्रशासन के अनुसार 500 बसों की सीधी खरीद की जाएगी, जबकि 767 बसों को जीसीसी (GCC) मॉडल के तहत अनुबंध पर शामिल किया जाएगा। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही निजी बस ऑपरेटरों से प्रतिस्पर्धा में भी रोडवेज को मजबूती मिलेगी।
पिछले कुछ समय में राजस्व लीकेज रोकने और संचालन व्यवस्था में सुधार के चलते रोडवेज की आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन का मानना है कि नई बसों के संचालन से यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ आर्थिक स्थिति भी और मजबूत होगी। इनमें से 200 बसें पूर्व बजट घोषणाओं के तहत शामिल की जा रही हैं।
रोडवेज प्रशासन ने 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी लगभग अंतिम चरण में पहुंचा दी है। मंजूरी मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ये इलेक्ट्रिक बसें जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ और सिरोही सहित प्रदेश के 16 शहरों के बीच संचालित की जाएंगी
बताया जा रहा है कि ये इलेक्ट्रिक बसें एक तरफा करीब 300 किलोमीटर तक सफर तय करने में सक्षम होंगी। अगले 6 से 8 महीनों में इन बसों के रोडवेज बेड़े में शामिल होने की संभावना है।
रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि राजस्थान रोडवेज में पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जा रहा है और इस वर्ष 1500 से अधिक विभिन्न प्रकार की बसें बेड़े में जुड़ेंगी।