



लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार रविवार को दूसरी बार मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात करेंगे। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि इस बार 5 से 6 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या छुट्टी भी संभव है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के करीब आए विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा नाई समाज से एमएलसी रामचंद्र प्रधान और विश्वकर्मा समाज से भाजपा एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।
जाट समाज से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कृष्णा पासवान का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल है।
सूत्रों का कहना है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों तक की अनुमति है। ऐसे में छह नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।