



जयपुर। राजस्थान की राजनीति में हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान संस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने संस्था में करोड़ों रुपए के कथित भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा कि जिस संस्था के अध्यक्ष स्वयं शिक्षा मंत्री हैं, वहां इतने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जयपुर कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने दावा किया कि संस्था में करोड़ों रुपए के गबन, फर्जी बिल-वाउचर, फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए निजी खातों में राशि ट्रांसफर करने, भर्ती में पद देने के नाम पर अवैध वसूली और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि संस्था के जिला ऑर्गेनाइजर अजय कुमावत ने सरकार को दस्तावेजों और सबूतों के साथ शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि स्काउट कैंपों में प्रतिभागियों से प्रति व्यक्ति 300 रुपए शुल्क लेना अनिवार्य था, लेकिन यह राशि संस्था के आधिकारिक खातों में जमा नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा संस्था के राज्य सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
उन्होंने कहा कि डीएलएड छात्रों के लिए स्काउट प्रशिक्षण अनिवार्य होने के बावजूद करीब 13 हजार छात्रों से 300 रुपए वार्षिक शुल्क के नाम पर लगभग 39 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन उन्हें प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया और कथित रूप से फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि जयपुर के एक सेवानिवृत्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर बिल पास करवाए गए और राशि निजी खातों में ट्रांसफर कराई गई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि CSR फंड और सरकारी अनुदान की राशि में भी फर्जी बिल-वाउचर लगाकर गबन किया गया। उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड दर्पण पत्रिका वितरण, स्टीकर वितरण और पदों पर नियुक्ति के नाम पर भी अवैध वसूली की गई। डोटासरा के अनुसार बिना विज्ञप्ति के पक्षपातपूर्ण भर्ती कर निजी खातों में 30-30 हजार रुपए तक लिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के जिला कार्यालयों को 30 से 40 प्रतिशत कमीशन पर बजट आवंटन किया गया और संस्था के अधिकारियों द्वारा लाखों रुपए निजी खातों में ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता मनोज कुमावत द्वारा भी कथित रूप से लाखों रुपए अधिकारियों के खातों में जमा कराने की बात कही गई है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि डोटासरा उनके मित्र हैं, लेकिन वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और उनके आरोप पूरी तरह निराधार हैं। दिलावर ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और राजनीतिक द्वेष के तहत लगाए जा रहे हैं।
मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां एक ओर कांग्रेस निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा की ओर से आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर और अधिक गरमा सकता है।