Sunday, 24 May 2026

केंद्र का बड़ा फैसला: ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की तैयारी, कानून में संशोधन प्रस्तावित


केंद्र का बड़ा फैसला: ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की तैयारी, कानून में संशोधन प्रस्तावित

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित बदलाव के तहत ‘वंदे मातरम’ के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने पर वही दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे, जो वर्तमान में राष्ट्रगान के लिए लागू हैं।

सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अधिनियम की धारा 3 में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है या उसका अपमान करता है, तो उसे तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पुनरावृत्ति की स्थिति में न्यूनतम एक वर्ष की सजा का प्रावधान भी रहेगा। यह कदम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उठाया गया है।

गृह मंत्रालय ने इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के गायन के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। गाइडलाइन के अनुसार, लगभग 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि वाला इसका पूर्ण संस्करण प्रमुख सरकारी समारोहों—जैसे राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आधिकारिक कार्यक्रमों—में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान दोनों शामिल हों, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ गाया जाएगा। दोनों के दौरान उपस्थित लोगों से सावधान मुद्रा में खड़े रहने की अपेक्षा की गई है।

सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और संस्थागत कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया है, ताकि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता और सम्मान को सुदृढ़ किया जा सके। हालांकि, सिनेमा हॉल और फिल्म प्रदर्शन के दौरान इसे अनिवार्य नहीं किया गया है, ताकि दर्शकों के अनुभव में बाधा न आए।

‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में की थी और यह 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत राष्ट्रवाद का प्रतीक बना और आज भी राष्ट्रीय भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है।

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