



जयपुर। सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में आयोजित तीन दिवसीय जयपुर बाल महोत्सव 2026 का बुधवार को भव्य समापन हुआ। स्थानीय पर्यटन, उद्यमिता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में प्रदेश के सभी 41 जिलों के बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने जिलों की झांकियों, स्टॉल और लाइव प्रस्तुतियों के माध्यम से कला, संस्कृति और स्थानीय पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा प्रदेश प्रभारी एवं भाजपा नेता डॉ. सतीश पूनिया उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपने क्षेत्र को समझते हुए उसे नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं, तो वे स्थानीय संसाधनों के माध्यम से रोजगार और विकास के नए अवसरों को भी पहचानते हैं।
महोत्सव के दौरान विभिन्न जिलों के बच्चों ने पारंपरिक लोक कलाओं, हस्तशिल्प, खान-पान और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कोग्निवीरा के संस्थापक कमलेश शर्मा ने कहा कि यह मंच बच्चों को “सोच से समाधान” की दिशा में प्रेरित करता है और उनके भीतर उद्यमिता की प्रारंभिक समझ विकसित करता है। वहीं फ्यूचर सोसायटी की सचिव डॉ. मीना शर्मा ने इसे एक सफल जन-आधारित पहल बताते हुए कहा कि यह आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को मजबूत करता है।
समापन समारोह में बच्चों ने अपने अनुभव भी साझा किए। हनुमानगढ़ के पारस माली, डूंगरपुर की ग्रिश्मा चौहान और बारां की सुजल शर्मा ने बताया कि इस मंच ने उन्हें अपने जिले को नए नजरिए से समझने और प्रस्तुत करने का अवसर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और उपलब्धि की भावना देखने को मिली।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए निरंतर विकसित होने वाला प्लेटफॉर्म है, जो उन्हें भविष्य में नवाचार और उद्यमिता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।