Tuesday, 26 May 2026

खाटूश्यामजी मेले से पहले खाटूश्यामजी की 'राधे की हवेली' होटल में भीषण आग से मची अफरातफरी, संकरी गलियों में फंसी दमकलें, स्थानीय युवाओं ने बचाई जानें


खाटूश्यामजी मेले से पहले खाटूश्यामजी की 'राधे की हवेली' होटल में भीषण आग से मची अफरातफरी, संकरी गलियों में फंसी दमकलें, स्थानीय युवाओं ने बचाई जानें

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सीकर/खाटूश्यामजी | खाटूश्यामजी में 27 मई से शुरू होने वाले पवित्र शुक्ल पक्ष एकादशी मेले से पहले मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य बाजार के समीप स्थित होटल ‘राधे की हवेली’ की ऊपरी मंजिल से अचानक भीषण आग की लपटें उठने लगीं। आग के साथ उठता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे पूरे कस्बे में दहशत फैल गई। उस समय लाखों की संख्या में देशभर से पहुंचे श्याम भक्त खाटू नगरी में मौजूद थे और पूरा क्षेत्र ‘हारे के सहारे’ के जयकारों से गूंज रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। होटल की खिड़कियों और कमरों से निकलती लपटों को देखकर आसपास के लोग घबरा गए और बाजार क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानों और घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया। आग की घटना के समय होटल के आसपास भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।

दमकलें पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियां बनीं बड़ी बाधा

आग की सूचना मिलते ही श्री श्याम मंदिर कमेटी, नगर पालिका प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। हालांकि खाटूश्यामजी कस्बे की संकरी गलियों और मुख्य बाजार में फैले अतिक्रमण ने राहत कार्यों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। बताया जा रहा है कि बड़ी दमकल गाड़ियां रास्तों में ही फंस गईं और होटल तक समय पर नहीं पहुंच सकीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के मुख्य मार्ग इतने संकरे हैं कि वहां दो चारपहिया वाहन एक साथ नहीं निकल सकते। इसके अलावा अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों ने रास्तों को और भी छोटा कर दिया है। ऐसे में करोड़ों रुपए की आधुनिक दमकल गाड़ियां भी मौके तक पहुंचने में संघर्ष करती नजर आईं।

स्थानीय युवाओं और दमकलकर्मियों ने संभाला मोर्चा

जब सरकारी संसाधन रास्तों में अटक गए, तब स्थानीय युवाओं, होटल स्टाफ और श्रद्धालुओं ने साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। दमकलकर्मियों ने लंबी दूरी तक पाइप बिछाकर संकरी गलियों के बीच से पानी पहुंचाने का प्रयास किया। कई युवाओं ने पानी के टैंकरों और अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने में सहयोग किया। घंटों की कड़ी मशक्कत, सूझबूझ और संयुक्त प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते होटल में मौजूद स्टाफ और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

प्रशासन ने फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कस्बे में अतिक्रमण की समस्या को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एकादशी मेले से पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। आगामी दिनों में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और राहत संसाधनों की समीक्षा की जा रही है।

खाटूश्यामजी मेले से पहले खाटूश्यामजी की 'राधे की हवेली' होटल में भीषण आग से मची अफरातफरी, संकरी गलियों में फंसी दमकलें, स्थानीय युवाओं ने बचाई जानें
खाटूश्यामजी मेले से पहले खाटूश्यामजी की 'राधे की हवेली' होटल में भीषण आग से मची अफरातफरी, संकरी गलियों में फंसी दमकलें, स्थानीय युवाओं ने बचाई जानें
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