Wednesday, 06 May 2026

राजस्थान विधानसभा में हर्बल व नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन, पांच राज्यों के स्पीकर्स ने सराहा डिजिटल म्यूजियम


राजस्थान विधानसभा में हर्बल व नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन, पांच राज्यों के स्पीकर्स ने सराहा डिजिटल म्यूजियम

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा परिसर में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल के तहत “हर्बल वाटिका” एवं “नक्षत्र वाटिका” का विधिवत उद्घाटन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने पांच राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की मौजूदगी में इन दोनों वाटिकाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर, उत्तरप्रदेश के सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश के कुलदीप सिंह पठानिया, ओडिशा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी और सिक्किम के मिंगमा नोर्बू शेरपा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा द्वारा गठित समिति के पीठासीन अधिकारियों की बैठक के दौरान किया गया।

डॉ. देवनानी ने कहा कि विधानसभा स्थापना के अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत इन वाटिकाओं का निर्माण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने का प्रयास है। हर्बल वाटिका में 38 प्रकार की औषधीय पौधों की प्रजातियों को वैज्ञानिक पद्धति से विकसित किया गया है, जिनमें तुलसी, एलोवेरा, ब्राह्मी, लेमनग्रास, सफेद मूसली जैसे महत्वपूर्ण औषधीय पौधे शामिल हैं। यह वाटिका स्वास्थ्य जागरूकता और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगी।

वहीं नक्षत्र वाटिका भारतीय ज्योतिष और प्रकृति के अद्भुत संगम को दर्शाती है। इसमें 27 नक्षत्रों के अनुरूप विभिन्न वृक्षों को रोपित किया गया है, जो भारतीय परंपराओं और खगोल विज्ञान के संबंध को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। इस अनूठी अवधारणा को अतिथियों ने विशेष रूप से सराहा।

उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों ने विधानसभा सभागार और अत्याधुनिक डिजिटल म्यूजियम का भी अवलोकन किया। डिजिटल म्यूजियम में राजस्थान की विधायी यात्रा, संसदीय इतिहास और लोकतांत्रिक परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसे सभी स्पीकर्स ने ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने विजिटर्स बुक में अपने अनुभव दर्ज करते हुए इन पहलों को पर्यावरण संरक्षण, भारतीय ज्ञान परंपरा और लोकतांत्रिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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